फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंत्रों के बीच हुआ तुलसी विवाह

Mon, 23 Nov 2015 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन
हरि प्रबोधनी एकादशी पूरे जनपद में परंपरागत तरीके से मनाई गई।
विज्ञापन


दिन भर व्रत रखकर लोगों ने तुलसी और भगवान शालिग्राम का विवाह रचाया।

गन्ने, नए गुड़ और कंद का भोग लगाया और मंगल गीत गाए। विभिन्न स्थानों पर रामायण पाठ, विशेष पूजन अर्चन का भी आयोजन किया गया। इस अवसर बाजार में  गन्ने की खूब खरीद फरोख्त हुई।


सुबह से ही व्रत की तैयारी शुरू हो गई थी। घरों में स्नान ध्यान कर महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया। इसके दोपहर बाद तुलसी के पौधे के समीप गन्ने का मंडप सजाया गया।
विज्ञापन


यहां पुरोहितों को बुलाकर मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान से तुलसी और शालिग्राम की पूजा अर्चना की गई। देवों को नया गुड़, कंद आदि का भोग लगाया गया।

धूप, दीप, कपड़े, चुनरी, शृंगार सामग्री अर्पित की गई और इसके बाद दोनों का विवाह किया गया।

इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीत सुनाए। लक्ष्मीनारायण को पूजन  के बाद  बेर, चने की भाजी, आंवला सहित अन्य मौसमी फल व सब्जियों सहित 56 भोग लगाए गए।

इसके बाद मंडप की परिक्रमा करते  हुए भगवान से कुंवारों के विवाह कराने और विवाहितों के गौना कराने की  प्रार्थना की गई। तुलसी विवाह के साथ ही मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत  हो गई।

नगर के विभिन्न इलाकों में घरों में शनिवार से रामायण पाठ का आयोजन किया गया। इसका आज समापन किया गया। इसके पूर्व बड़े पैमाने पर लोग गंगा घाटों पर स्नान के लिए पहुंचे।
विज्ञापन


बाजार में भी पर्व के मद्देनजर गन्ना, कंद, फल आदि की खूब बिक्री हुई।

 नगर के जीटी रोड के किनारे जगह जगह गन्ने की अस्थायी दुकानें सजी रहीं।

 यहां बीस रुपये से सौ रुपये जोड़ा तक मूल्य में गन्ने की बिक्री हुई। धानापुर कस्बा सहित आस पास के इलाकों में  परंपरागत तरीके से तुलसी विवाह किया गया। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें