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देश में राजतंत्र स्थापित करने की कोशिश -राकेश टिकैत

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इलिया। केंद्र में भाजपा की नहीं बल्कि मोदी की सरकार है। यहां सभी फैसले अकेले मोदी लेते हैं। इस तरह देश में लोकतंत्र की जगह राजतंत्र को स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। इसी वजह से किसानों के हित के फैसले नहीं लिए जा रहे हैं। ये बातें भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भिटिया गांव के शिव मंदिर पर किसान विकास मंच के स्थापिना दिवस पर संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बुलाई गई किसान महापंचायत में कहीं। नए कृषि कानूनों पर राकेश टिकैत ने कहा कि मोदी सरकार ने तीन जो कानून लाए हैं। वह किसानों को बर्बाद करने वाला है।बिहार का हवाला देते हुए कहा कि जो हालात बिहार के हैं उसे सुधारने में 10 साल लगेंगे। यहां की मंडियों में घास उगे हुए हैं जो लूट का सैंपल है। कहा कि देश की स्थिति राजतंत्र जैसी हो गई है। लोकतंत्र के बाद देश में भूख का व्यापार होगा। कहा कि किसानों को अनाज का जो पैसा मिलता है तो वह 20 जगहों पर जाता है। उससे किसान ही नहीं मजदूर और छोटे व्यापारी भी लाभान्वित होते हैं। कहा कि एमएसपी पर कानून न होने से किसानों को 500 से एक हजार रुपये प्रति कुंतल अनाज बेचना पड़ रहा है। 26 जनवरी को लाल किले पर ध्वज फहराने का षड़यंत्र किया गया, ताकि किसान आंदोलन को कमजोर किया जाए। इस मामले में किसानों पर मुकदमा दर्ज किया गया है जबकि इसका अधिकार सरकार के पास है ही नहीं। लाल किले को सरकार पहले ही डालमिया को बेच चुकी है। ऐसे में डालमिया को मुकदमा कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसान, मजदूर , दलित, शोषित और छोटे व्यापारियों की है। अगर यह लड़ाई कमजोर होगी तो शोषण होता रहेगा। इसके पूर्व आयोजक मंडल की ओर से राकेश टिकैत को स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश चौहान, राजवीर सिंह जादौन, जितेंद्र तिवारी, लक्ष्मण मौर्य, प्रह्लाद सिंह, किसान विकास मंच के संयोजक रामअवध सिंह, अफलातून देसाई, बाबूलाल मानव, रामअवतार सिंह, अनूप सिंह कौशिक, शैलेश मौर्या, रमाशंकर सरकार, हिमांशु, रमेश सिंह, नीरज रहे। अध्यक्षता रामअनंत पांडेय ने और संचालन सुरेश यादव ने किया।
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