आजादी की जंग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जनपद के वीर सपूतों की याद में रविवार को नगर स्थित शहीद स्मारक पर शहीद दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि विधान परिषद के उप सभापति लक्ष्मण आचार्य व विशिष्ट अतिथि सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने शहीदों की प्रतिमाओं पर श्रद्धासुमन अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
विधायक सुशील सिंह ने कहा कि 28 अगस्त 1942 को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने सैयदराजा थाने पर तिरंगा फहराकर अंग्रेजों को भगा दिया था। इसमें फेंकू, श्रीधर व गणेश राम शहीद हो गए थे। उन्हीं की याद में 28 अगस्त को हर वर्ष शहीद स्मारक पर शहीद दिवस का आयोजन किया जाता है। महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा दिया तब सैयदराजा में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 28 अगस्त 1942 को नगर के पूर्वी क्षेत्र से थाने पर तिरंगा फहराने निकल पड़े। नगर स्थित रेलवे फाटक पर उनके पहुंचते ही छतों पर पहले से मौजूद अंग्रेजों की पुलिस ने उनपर गोलियों की बौछार कर दी। इसमें तीन सेनानी शहीद हो गए। इसके बावजूद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जगतनारायण दुबे के हौसला बढ़ाने पर अन्य सेनानियों को जोश आया और गोलियों की परवाह न करते हुए थाने पर तिरंगा फहरा दिया। मुख्य अतिथि विधान परिषद के उप सभापति लक्ष्मण आचार्य ने कहा कि यह आजादी की खातिर अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर शहीदों के कारण संभव हो पाया है।
इस मौके पर चेयरमैन वीरेंद्र जायसवाल, समर बहादुर सिंह, अनूप सिंह, अशोक सिंह, डॉ. रामसुधार सिंह, मधुकर पांडेय, इंदल सिंह बाबा, पवन जनसेवक, रजनीकांत पांडेय, रामानंद सिंह, डॉ. रामसुधार सिंह, दीनानाथ श्रीवास्तव, रामनिवास तिवारी, मृत्युंजय सिंह दीपू रहे। संचालन अरविंद सिंह व आभार व्यक्त शहीद स्मारक के अध्यक्ष मंगला सिंह ने किया।