कमालपुर। क्षेत्र के कवई पहाड़पुर गांव में शनिवार की दोपहर में गांव के शिवमंगल चौधरी सहित अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद किया गया। इस मौके पर हुई गोष्ठी में धानापुर कांड के बारे में लोगों को बताया गया। भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव ने शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
गोष्ठी में दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल सहित अन्य क्रांतिकारियों ने अपनी परवाह किए बिना देश के लिए मर मिटे। कहा कि धानापुर शहीदों की धरती है। महात्मा गांधी के करो या मरो का नारा देते ही सरकारी भवनों पर तिरंगा फहराने के लिए आम लोग मचल उठे। इसकी अगुवाई कामता प्रसाद विद्यार्थी ने किया। जब थानेदार ने झंडा फहराने से मना किया और नंगी रिवाल्वर लेकर घूमने लगा तो जनसमूह आगे बढ़ा। कामता प्रसाद विद्यार्थी दीवार फांदकर अंदर घुसे। उसी समय दरोगा ने अपनी रिवाल्वर से गोली चला दी। इससे हीरा सिंह, महगू सिंह और रघुनाथ सिंह शहीद हो गए। कमालपुर के क्रांतिकारी हरिनारायण अग्रहरि ने दरोगा की कमर पकड़ ली। सुमंगल चौधरी ने अपनी लाठी से दरोगा को गिरा दिया। ऐसे शहीदों को कभी नहीं भूलना चाहिए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश यादव ने कहा कि शिवमंगल चौधरी, विश्वनाथ गोंड, बंधन यादव, फौजदार, रामा सिंह, राम सुमेर यादव, हरि यादव सहित सात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदि ने कहा कि हम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बहुत आगे निकल गए हैं। सूचनाएं सेकेंडों में भेज देते हैं, लेकिन भीड नहीं एकत्र नहीं होती है। ऐसे में आश्चर्य होता है कि 16 अगस्त 1942 को इतने लोग एकत्र हो गए। इस मौके पर छोटेलाल यादव, मुसाफिर यादव, डॉ. हंसराज यादव, शलगू यादव, प्रभु यादव, पंचम यादव रहे। अध्यक्षता पूर्व प्रधान उदय राजभर ने और संचालन अमरनाथ सिंह ने किया।