फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रेनों की संख्या बढ़ते ही लड़खड़ाने लगी चाल

विज्ञापन
विज्ञापन
पीडीडीयू नगर। विभिन्न रूटों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ते ही ट्रेनों की चाल लड़खड़ाने लगी है। ट्रेनें 30 मिनट से एक घंटे तक की देरी से चल रही हैं। जबकि अब तक ट्रेनें स्थानीय स्टेशनों पर समय से आधा घंटा पहले पहुंच रही थी। ट्रेनों के समय से डेढ़ घंटे पहले यात्रियों को बुलाया जा रहा है।
विज्ञापन

कोरोना की वजह से अभी तक सभी यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। यात्रियों की संख्या के आधार पर धीरे धीरे ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में 26 जोड़ी ट्रेनें स्थानीय स्टेशन से होकर चल रही हैं जबकि 21 सितंबर से 32 जोड़ी ट्रेनें दौड़ेंगी। एक जून से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ तो पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से कुल 22 जोड़ी ट्रेनें गुजरने लगी। वहीं लॉकडाउन के दौरान यात्री ट्रेनों का दबाव कम होने पर पटरियों की मरम्मत और सिग्निलिंग प्रणाली में सुधार के बाद ट्रेनों की रफ्तार बढ़ा दी गई। ट्रेनों की रफ्तार 110 से बढ़ाकर 130 किमी तक कर दी गई है। ऐसे में ट्रेनें निर्धारित समय से आधे घंटे पहले ही स्टेशन पर पहुंचने लगी।
21 सितंबर से छह जोड़ी क्लोन ट्रेनों को चलाया जा रहा है। इसके पहले ही चल रही ट्रेने विलंब से चलने लगी है। शनिवार को शिप्रा एक्सप्रेस 15 मिनट, विक्रमशिला एक्सप्रेस दस मिनट, सिक्कीम महानंदा 12 मिनट की देर से आई। इसके पहले शुक्रवार को डाउन जोधपुर एक्सप्रेस बीस मिनट की देरी से पहंची। शिप्रा एक्सप्रेस से इंदौर जाने के लिए स्टेशन पहुंचे राजीव कुमार ने बताया कि पहले तो डेढ़ घंटे पहले बुलाया जा रहा है। इसके बाद ट्रेन लेट होने से दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें