जिवनाथपुर रेलवे स्टेशन के समीप रविवार की सुबह आठ बजे एक पुलिया के ऊपर
लगे स्लीपर के टूट जाने से हावड़ा-नई दिल्ली रूट की ट्रेनों का परिचालन
पूरी तरह ठप हो गया।
इस बीच चालक की सावधानी से इलाहाबाद जा रही
भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बची। संबंधित विभाग के
कर्मचारियों ने साढ़े तीन घंटे बाद टूटे स्लीपर को दुरुस्त किया।
इसके बाद
काशन के जरिए ट्रेनों का परिचालन दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे शुरू हुआ।
इसके चलते मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर एक दर्जन से अधिक ट्रेनों का परिचालन
प्रभावित हुआ।
जिवनाथपुर रेलवे स्टेशन के समीप एक पुलिया के नीचे से
पाइप गुजरी है। जिससे ग्रामीण सिंचाई का कार्य करते हैं। रविवार की सुबह
करीब आठ बजे कुछ ग्रामीणों ने पुलिया के ऊपर लगे स्लीपर को टूटा हुआ देखा।
इसी बीच अप दिशा से भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस को आती देख लोगों ने शोर
मचाया। जिस पर चालक अनूप कुमार तिवारी ने गाड़ी रोक दी। उसने स्लीपर टूटने
की सूचना मंडलीय अधिकारियों को दी।
जिस पर इलाहाबाद और मुगलसराय मंडल के
अधिकारी मौके पर पहुंचे और साढ़े तीन घंटे की मशक्कत के बाद स्लीपर के नीचे
गिट्टी डालकर उसे दुरुस्त किया।
तब साढ़े ग्यारह बजे भागलपुर-अजमेर
एक्सप्रेस को इलाहाबाद रवाना किया गया। फिर मुगलसराय स्टेशन और मंडल के
विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी जोधपुर एक्सप्रेस, द्वारिका एक्सप्रेस, उड़ीसा
संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, सीमांचल एक्सप्रेस, सियालदह अजमेर एक्सप्रेस,
मुंबई मेल समेत एक दर्जन से अधिक यात्री गाड़ियों और मालगाड़ियों को रवाना
किया गया।
उधर मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण ने बताया कि स्लीपर के टूट जाने
की सूचना पर ट्रेनों का परिचालन साढ़े तीन घंटे प्रभावित रहा। स्लीपर के
नीचे गिट्टी डालकर मरम्मत की गई। साथ ही काशन मेमो के जरिए परिचालन शुरू हो
गया।
इनसेट
कुछ देर पहले गुजरी थी गरीब रथ
मुगलसराय। भागलपुर से
आनंद बिहार टर्मिनल जा रही गरीबरथ एक्सप्रेस कुछ ही देर पहले पुलिया से
गुजरी थी।
स्पीड कम होने के कारण ट्रेन सुरक्षित गुजर गई, लेकिन जब खेतों
में काम कर रहे जिवधीपुर के तीन युवक रमेश पटेल, शिवव्रत यादव और महेंद्र
यादव ने स्लीपर टूटा देखा, तो भागलपुर-अजमेर एक्सप्रेस के चालक को संकेत
देकर ट्रेन रोकने को कहा। अचानक ट्रेन रुकने के कारण जब यात्री उतरे और
घटना की जानकारी होने पर उन्होंने चालक की सराहना की और ईश्वर को धन्यवाद
दिया।