पड़ाव चौराहा चार जिलों वाराणसी, गाजीपुर, सोनभद्र और चंदौली को जोड़ने वाला सबसे बड़ा चौराहा है। यहां से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। ऐसे में कुछ फुट जगह भी घिर जाने पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि बीच सड़क पर पुलिस की बाइकें खड़ी होने से यातायात बाधित होता है और अक्सर वाहन फंस जाते हैं। यही नहीं, एक पुलिसकर्मी ने अपनी बाइक चबूतरे पर खड़ी कर रखी थी, जिससे सड़क और संकरी हो गई।
करीब 20 फुट लंबाई और 20 फुट चौड़ाई से ज्यादा जगह में पुलिस की चार से पांच बाइकें खड़ी हो रही हैं। यह काफी दिनों से हो रहा है। एक ओर यातायात सुगम करने के लिए सड़क पर बेतरतीब खड़े वाहनों को हटाया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर खुद पुलिसकर्मी ही अपने वाहनों को बीच सड़क पर खड़े कर रहे हैं। विंडबना यह है कि आए दिन जिले के आलाधिकारी भी पड़ाव चौराहे पर आते हैं लेकिन किसी का ध्यान इसपर नहीं पड़ता। सवाल यह भी है कि नियम तो सबके लिए बराबर होते हैं फिर इनका चालान कौन करेगा।
वाहन पर लिखा गया है 'पुलिस'।
- फोटो : संवाद
नंबर की जगह बाइक पर लिखवाया पुलिस
पड़ाव बीच चौराहे पर खड़ी यातायातकर्मियों की बाइकों में तीन ऐसी बाइकें थी जिनके आगे के नंबर प्लेट पर नंबर की जगह पुलिस लिखा हुआ था। यह तब है जब खुद चंदौली यातायात पुलिस जातिसूचक शब्दों और नंबर प्लेट पर कुछ भी लिखे जाने पर लाखों रुपये का चालान कर चुकी है लेकिन खुद ही पुलिसकर्मी इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं क्योंकि उनको यह पता है कि हमारा चालान कोई नहीं कर सकेगा।
यातायातकर्मियों की किसी भी बाइक पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं दिखा
पड़ाव चौराहे पर यातायातकर्मियों ने अपनी कुल 5 बाइकें खड़ी की थीं लेकिन किसी भी बाइक पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं था जबकि काफी दिनों पहले ही इसको आवश्यक किया गया है। इसके न होने पर आम लोगों के वाहन का एक हजार तक का चालान किया जाता है। इसके प्रति यातायातकर्मी खुद लापरवाह हैं।
यातायात माह में पुलिस का ध्यान केवल चालान काटने पर होता है। लोगों को यातायात के प्रति जागरूक करने का यह तरीका सही भी है लेकिन इससे पहले अगर यातायातकर्मी खुद जागरूक हो जाते तो और बेहतर रहता। यातायातकर्मी खुद नियमों का पालन नहीं करते जबकि नियम सबके लिए बराबर हैं। - अमित सिंह, रतनपुर
पड़ाव चौराहे पर अक्सर यातायातकर्मी अपनी बाइकें बीच सड़क पर खड़ी करके लोगों का चालान करते हैं। इनका चालान करने वाला कोई नहीं है। पड़ाव चौराहे पर वैसे भी रोजाना जाम रहता है ऐसे में बीच सड़क पर लोहे की दो बड़े बैरिकेडिंग लगाकर बाइकें खड़ी कर काफी सड़क घेर ली जाती है। यातायातकर्मी खुद हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, हेलमेट आदि लगाते तो लोग भी इनसे सीखते। - विशाल यादव, डोमरी
पड़ाव चौराहे पर खड़ी हो रहीं पुलिसकर्मियों की बाइकें तत्काल हटवाई जाएंगी। चौराहे को साफ-सुथरा, सुंदर और यातायात के लिए सुगम बनाना हमारा लक्ष्य है। - सत्यप्रकाश यादव, यातायात प्रभारी, चंदौली