टांडाकला/धानापुर। गंगा के जल स्तर में संभावित बढ़ोत्तरी को देखते हुए जिले मेंे दो पीपा पुल पर आवागमन शनिवार की रात से बंद कर दिया गया। रविवार से पीपा पुल को हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उधर, गंगा नदी पर टांडा और कैथी के बीच तथा नगवां और चोचकपुर के बीच पुल बंद होने से वाराणसी में मारकंडेय महादेव दर्शन करने वालों को परेशानी होगी। वहीं चंदौली से गाजीपुर की दूरी 50 किमी बढ़ गई।
बारिश में गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी होने पर आवागमन के दौरान खतरे को देखते हुए हर साल 15 जून को पीपा पुल को बंद कर दिया जाता है। नवंबर महीने में पानी कम होने पर फिर पीपा पुल बना दिया जाता है। स्थानीय व्यापारियों व मार्कंडेय महादेव के श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए वाराणसी के कैथी और चंदौली के टांडाकला के बीच पीपा पुल वर्ष 2001 में स्थापित किया गया। पुल बंद होने से लोगों को अब चहनिया से चौबेपुर होते हुए मारकंडेय महादेव जाना हेागा। इस संबंध में घाट दरोगा दीना सिंह ने बताया कि टांडाकला कैथी के बीच लगे पीपे को हटाने का आदेश आ चुका है। 15 जून से इस पर आवागमन बंद होगा। इसी तरह धानापुर ब्लाॅक के नगवां चोचकपुर पीपा पुल पर आवागमन रविवार को रात से बंद कर दिया जाएगा। शासन के अनुसार पीपा पुल पर आवागमन 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जून के मध्य रात तक होता है। पुल हटने से चंदौली और गाजीपुर की दूरी बढ़ जाएगी और 50 किलोमीटर ज्यादा दूरी तय करनी पड़ेगी। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता आर के चौहान ने बताया कि रविवार को मध्य रात्रि 12 बजे के बाद पुल को बंद कर दिया जाएगा और सोमवार सुबह से नाव का निशुल्क संचालन किया जाएगा।