पड़ाव-भूपौली मार्ग की मरम्मत न होने से नाराज स्थानीय व्यापारियों ने रविवार दोपहर 11 बजे पड़ाव चौराहे पर जाम लगा दिया।
इससे
वाराणसी और मुगलसराय जीटी रोड पर आवागमन रुक गया और वाहनों की लंबी कतार
लग गई। व्यापारी चार माह पूर्व सड़क मरम्मत का आश्वासन दिए जाने के बाद भी
दुरुस्त न होने से नाराज थे।
जाम लगाने के दो घंटे बाद मुगलसराय थाना
प्रभारी ने पीडब्लूडी अधिकारियों से बातचीत कर व्यापारियों को शीघ्र सड़क
मरम्मत का आश्वासन दिया। इसके बाद एक बजे जाम समाप्त हुआ।
जाम स्थल पर
हुई सभा में व्यापारियों ने कहा कि पड़ाव से भूपौली तक जाने वाला मार्ग
पड़ाव से डेढ़ किलोमीटर आगे तक पूरी तरह जर्जर हो चुका है। कई बार संबंधित
विभाग के अधिकारियों और जिला प्रशासन से इसके मरम्मत की मांग की गई, लेकिन
कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इससे आजिज आकर गत मार्च में भी व्यापारियों ने
चौराहे पर जाम लगाया था। उस दौरान अधिकारियों ने जल्दी ही मार्ग दुरुस्त
कराने का आश्वासन दिया था।
यही नहीं चंदौली के सांसद डा. महेन्द्र नाथ
पांडेय और लोक निर्माण राज्य मंत्री सुरेन्द्र पटेल के प्रतिनिधि के रूप
में आए रोहनियां विधायक महेन्द्र सिंह पटेल ने मार्ग की नापी करायी और चार
करोड़ पचास लाख रुपये की कार्य योजना तैयार की थी।
तब आश्वासन दिया था कि
दो-चार दिनों में ही मरम्मत शुरू करा दी जाएगी। इस आश्वासन के चार माह
बीतने के बाद भी मार्ग की मरम्मत शुरू नहीं हुई। जबकि सड़क पर बड़े-बड़े
गड्ढे बन गए हैं।
बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाता है और इस मार्ग
पर चलना अत्यंत मुश्किल हो गया है। आए दिन इस मार्ग पर दोपहिया वाहन सवार
गिरकर जख्मी हो रहे हैं। व्यापारियों ने कहा कि जिला प्रशासन और प्रदेश
सरकार के नुमाइंदे सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं।
सड़क खराब होने से
व्यापारियों का व्यवसाय भी चौपट हो रहा है। जाम की सूचना पाकर मुगलसराय
कोतवाली प्रभारी साजिद सिद्दीकी ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया,
लेकिन व्यापारी जिलास्तरीय अधिकारी और नेताओं को मौके पर बुलाने की मांग कर
रहे थे। बाद में थानाध्यक्ष ने पीडब्लूडी के अधिकारियों से वार्ता की और
आश्वासन दिया कि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत की जाएगी। इसके बाद दोपहर एक बजे
व्यापारियों ने जाम समाप्त कर दिया।
इस दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।