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नौगढ़ सीएचसी : दोपहर 12 बजे तक 12 में से सात के चेंबर खाली

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नौगढ़ सीएचसी में खाली पड़ा चिकित्सक का कक्ष। संवाद - फोटो : Samvad
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नौगढ़। जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर नौगढ़ सीएचसी में बुधवार की दोपहर 12 बजे तक 12 में से सात डॉक्टरों के चेंबर खाली मिले। ओपीडी हॉल के बाहर डॉक्टरों के आने की उम्मीद में मरीज और तीमारदार बैठे रहे। इस अस्पताल के डॉक्टरों पर लगभग एक लाख की आबादी के इलाज करने का जिम्मा है। इमरजेंसी विभाग में भी डॉक्टर नहीं मिले। सीएचसी में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जानने के लिए जब दोपहर 12 बजे अमर उजाला टीम के साथ पहुंचे तो हकीकत सामने आई। 12 में से सिर्फ चार डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। दूर-दराज से ग्रामीण इलाज कराने की उम्मीद लेकर इस अस्पताल में आते हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण यहां स्वास्थ्य सेवाएं खुद बीमार हो गई हैं।
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ये डॉक्टर रहे उपस्थित
डॉ. सुनील, डॉ. नीरज, डॉ. गंगाराम भारती और दंत विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा
ये डॉक्टर रहे अनुपस्थित
चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश पटेल
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. अवंतिका, डॉ. सत्या
जनरल फिजीशियन डॉ. अजीत, डॉ. सिद्धार्थ पाठक
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुराधा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रा

इमरजेंसी विभाग में बनता है सिर्फ रेफर का पर्चा
अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण हार्ट अटैक, सड़क दुर्घटना में घायल होकर आए मरीजों का इलाज करने के बजाए अस्पताल के कर्मचारी मरीज की हालत गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर करने में जुट जाते हैं। कई बार जिला अस्पताल जाते-जाते मरीज की मौत हो जाती है।
ये सेवाएं आए दिन रहती हैं प्रभावित

- जनरल फिजीशियन सेवा

- हड्डी रोग उपचार

- एनेस्थीसिया व इमरजेंसी सेवाएं

- स्त्री रोग उपचार

मरीजों की शिकायतें

- डॉक्टर समय पर नहीं मिलते

- इमरजेंसी में भी इलाज नहीं मिलता

- हर मरीज को रेफर कर दिया जाता है

- दूर के अस्पतालों में जाने से बढ़ता है खर्च और जोखिम
40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है अल्ट्रासाउंड कराने के लिए

गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए 40 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। सीएचसी में आज तक अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। अन्य जरूरी जांच की सुविधाएं भी यहां उपलब्ध नहीं है। मरीजों को निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ता है।
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पीड़ितों ने बताया
मेरी पत्नी गर्भवती है। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं होने के कारण बार-बार 40 किलोमीटर दूर चकिया जाना पड़ता है। गर्भवती महिला को तकलीफ उठानी पड़ रही है। -रविंदर, बाघ़ी

दो महीने पहले चचेरे भाई को हार्ट अटैक आने पर सीएचसी ले आया था। डॉक्टर नहीं मिलने पर उन्हें रेफर कर दिया गया। दूसरे अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। -पिंटू केसरी, नौगढ़
हड्डी के मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है। जबकि इस अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। जो अस्पताल आते ही नहीं हैं। अन्य रोगों के डॉक्टरों का भी यही हाल है। - मलिक गोंड, नौगढ़
सीएचसी के चिकित्साधिकारी को जब फोन करते हैं तो वह मीटिंग में होने की बात करते हैं। बुधवार की सुबह बच्चों को दिखाने के लिए अस्पताल आए थे। यहां बाल रोग विशेषज्ञ नहीं मिले। - मनोज केसरी, पूर्व महामंत्री, भाजपा

एक डॉक्टर पोस्टमार्टम ड्यूटी में गए थे। दो डॉक्टर अवकाश पर हैं। लगातार अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। - डॉ.अवधेश पटेल, चिकित्साधिकारी, नौगढ़ सीएचसी
बुधवार को जिला मुख्यालय पर बैठक होने के कारण सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश यहां मौजूद थे। अन्य डॉक्टरों की अनुपस्थिति के संबंध में जानकारी ली जाएगी। बिना सूचना के यदि कोई डॉक्टर गायब रहा है तो कार्रवाई की जाएगी।डॉ.वाई.के राय, सीएमओ, चंदौली
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