पीडीडीयू नगर। दो माह के लॉक डाउन और बाद में अनलॉक में लोगों को दिक्कतें हुई। ट्रेनों के न चलने से रेलवे को नुकसान हुआ लेकिन इसका फायदा उठाते हुए रेलवे ने कई अधूरी योजनाओं को पूरा किया। सबसे बड़ी उपलब्धि रेल पटरियों को बदलने और सिग्नलिंग प्रणाली सुधार रहा। इसके चलते पीडीडीयू-गया रेल रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी हो गई। पुराने पुलों को हटाकर नए पुल का निर्माण शुरू किए गए और पीडीडीयू नगर में नए विद्युत उपकेंद्र का उद्घाटन किया गया।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते 25 मार्च से देश में लॉकडाउन लागू हो गया। इसके साथ ही ट्रेनों का संचालन भी रुक गया। रेलवे स्टेशन विरान हो गए और रेलवे लाइन पर सिर्फ मालगाड़ियां ही दौड़ती दिखी। जब यात्री ट्रेनों का दबाव कम हुआ तो डीआरएम पंकज सक्सेना की देख रेख में अधूरी परियोजनाओं को पूरा किया गया। प्लेटफार्म का विकास, नान इंटरलाकिंग, पीडीडीयू गया रेल रूट पर राजधानी के बाद अब अन्य ट्रेनों की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटे हो गई। कई स्टेशनों पर नए गुड्स शेड बने। वहीं नगर के न्यू सेंट्रल कॉलोनी में विद्युत उपकेंद्र के अलावा रेलवे पुलों की मरम्मत, ग्रिसिंग और रंगाई का कार्य किया गया। पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल चंदौली मझवार, भभुआ रोड, सासाराम, अनुग्रह नरायन रोड, डेहरी आन सोन, गया, बीडी सेक्शन में अनेक कार्य कराए गए हैं।
जाखिम, बघोई कुसा और गंजख्वाजा में नॉन इंटरलाकिंग का कार्य किया गया
पीडीडीयू-गया रेल रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 110 से बढ़ाकर 130 किमी प्रति घंटे हुई
कोशियारा स्टेशन पर नए गुड्स शेड पर आठ अगस्त को गिट्टी लदान शुरू किया गया।
पीडीडीयू नगर के न्यू सेंट्रल कालोनी में 2.6 करोड़ रुपये की लागत से उपकेंद्र की शुरूआत
कई पुराने पुलों की मरम्मत के साथ ही नए पुलों का निर्माण शुरू कराया गया
डेहरी आन सोन, अनुग्रह नरायन रोड सहित कई स्टेशनों पर प्लेटफार्म शेड लगे
लॉकडाउन में रेलवे की अधूरी कई परियोजनाओं को पूरा कराया गया है। यात्री सुविधाओं से संबंधित कार्यों को पूरा कराने के साथ ही पुराने पुलों की मरम्मत और नए पुलों का निर्माण शुरू कराया गया। वहीं रेल पटरियों को दुरुस्त कर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाई गई। पंकज सक्सेना, डीआरएम, पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल