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नगर निकायों और कस्बों में धड़ल्ले से जलाया जा रहा कूड़ा

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पीडीडीयू रेलवे यार्ड में फूंका गया कूड़ा। - फोटो : CHANDAULI
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पीडीडीयू नगर। प्रदूषण को कम करने के लिए कूड़ा जलाने पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की सख्ती के बावजूद नगर निकायों सहित कस्बों में बेरोक-टोक कूड़े जलाए जा रहे। जिले के चारों निकायों से लगभग 60 टन कूड़ा रोजाना निकलता है। जिन्हें सड़क के किनारे जला दिया जाता है। जो हवा में जहर घोल रहा
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पीडीडीयू नगर पालिका परिषद के अलावा नगर पंचायत चकिया, चंदौली और सैयदराजा नगर पंचायत में कूड़ा प्रबंधन की अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यह जरूर है कि सभी नगर निकायों के पास कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन मिल चुकी है लेकिन अभी कूड़े निस्तारण के लिए प्लांट नहीं लगाया गया। इससे कूड़े को जहां तहां फेंका जा रहा। इसके बाद सफाईकर्मी निस्तारण के लिए उसमें आग लगा देते हैं। वहीं रेलवे की ओर से भी कूड़े को जहां तहां फेंक दिया जा रहा। रेलवे कूड़ा निस्तारण के लिए प्लांट का निर्माण करा रहा है लेकिन यह मार्च तक पूरा होगा। तब तक कूड़े को सड़क किनारे, रेलवे यार्ड या फिर रेलवे कालोनियों में फेंका जा रहा।
पीडीडीयू नगर। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने पर जगह-जगह कूड़े जलाए जा रहे हैं। पीडीडीयू नगर में जीटीआर ब्रिज के नाले के किनारे कूड़ा फेंकने के बाद आग लगा दिया जाता है। इससे हर समय वहां से धुआं निकलता रहता है। चकिया में भी कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं होने से नगर से निकलने वाले कूड़े में आग लगा दी जा रही है। यही हाल कस्बों का है। इलिया कस्बे में भी निकलने वाले कूड़े को आग के हवाले कर दिया जा रहा है।
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पीडीडीयू नगर। नगर पालिका सहित नगर निकायों से रोजाना तकरीबन 60 टन कूड़ा निकलता है। लेकिन किसी भी नगर निकाय में इसके निस्तारण की अब तक व्यवस्था नहीं हो पाई है। नगर पालिका पीडीडीयू नगर में करीब 35 टन, सैयदराजा नगर पंचायत में लगभग 15 टन और चकिया तथा चंदौली नगर पंचायत में रोजाना करीब पांच-पांच टन कचरा निकलता है। नगर निकायों से निकलने वाले कचरे को सड़कों किनारे फेंकने के बाद जला दिया जा रहा है।
इनसेट
धुएं से श्वास और दमा के बढ़ते हैं मरीज
राजकीय महिला चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आकिफ अहमद ने बताया कि कूड़े का धुआं काफी खतरनाक होता है। इससे श्वास, दमा और खांसी के मरीज बढ़ने लगते हैं। लगातार धुआं फैलने श्वसन तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं फेफड़े संबंधी गंभीर बीमारी होती है और बाद में यह टीबी का रूप ले लेता है। उन्होंने बताया कि राजकीय महिला चिकित्सालय में पहले फेफड़े से संबंधित 10 से 12 मरीज आते थे लेकिन अब 20 से 25 मरीज प्रतिदिन आते हैं। इस प्रकार वायु प्रदूषण से मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
कोट
1-कूड़ा निस्तारण के लिए चकिया तहसील क्षेत्र के बोदलपुर गांव के पास ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए 33.67 लाख रुपये से प्लांट बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कूड़ा जलाने पर सख्ती से मनाही है। मामला संज्ञान में आया तो ऐसे लोगों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मेहीलाल, अधिशासी अधिकारी, चकिया
2-नगर के कूड़ा निस्तारण के लिए नगर से सटे सकलडीहा तहसील क्षेत्र में जमीन चिह्नित कर ली गई है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर प्लांट के निर्माण कार्य शुरू होगा। ताकि कूड़े को जहां-तहां फेंकने से रोका जा सके। कूड़ा जलाने पर सख्ती है। इसके बाद भी नगरीय इलाके में इसकी शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी। कृष्णचंद्र, इओ, पीडीडीयू नगर
3-रेलवे के कूड़ा उठान की जिम्मेदारी ठेके पर दी गई है। खुले में कूड़े न जलाने के निर्देश दिए गए हैं। यदि ठेकेदार की ओर से कूड़ा जलाया जा रहा है कि मामला सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मोहम्मद इकबाल, डीसीएम, पीडीडीयू रेल मंडल
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