जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने बुधवार को विकास खंड संसाधन केंद्र बरहनी का औचक निरीक्षण किया।
इस
दौरान उन्होंने परीक्षण हाल, एमडीएम, शिक्षकों की संख्या, उपस्थिति पंजिका
और कनवर्जन कास्ट पंजिका का निरीक्षण किया।
इसके बाद पूर्व माध्यमिक
विद्यालय बरहनी में पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष छात्रों की कम उपस्थिति
मिलने पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों को निलंबित करने का
निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी केके सिंह को दिया। इससे शिक्षकों में खलबली
रही।
जिलाधिकारी बुधवार की दोपहर एक बजे बीआरसी बरहनी पहुंचे और सीधे
शिक्षकों के प्रशिक्षण हाल में जा धमके। उन्होंने एबीएसए से शिक्षकों को
प्रोजेक्टर और अन्य नई पद्धतियों के माध्यम से प्रशिक्षण देने का निर्देश
दिया। इसके बाद डीएम ने ब्लाकवार शिक्षक, अनुदेशक, प्रेरकों की संख्या के
बारे में विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने मध्याह्न कनवर्जन कास्ट की भी
जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने ब्लाक के निरक्षर ग्राम प्रधानों, वार्ड
मेंबरों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों को साक्षर बनाने का भी निर्देश दिया।
इसके लिए उन्होंने ब्लाक में तैनात 127 प्रेरकों को लगाने का निर्देश
एबीएसए को दिया।
डीएम ने अब तक मात्र 11 विद्यालयों के निरीक्षण की
जानकारी होने पर एबीएसए और एबीआरसी को अन्य विद्यालयों के औचक निरीक्षण का
निर्देश दिया। इस दौरान पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरहनी में पंजीकृत 50
छात्रों के सापेक्ष मात्र 27 छात्रों की उपस्थिति पर जिलाधिकारी भड़क उठे
और उन्होंने एबीएसए को विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल सिंह सहित तीन
शिक्षकों के निलंबन का आदेश दिया।
उन्होंने एबीएसए से उन विदायलयों को
चिह्नित कर एमडीएम बनवाने का निर्देश दिया, जहां एमडीएम नहीं बन रहा है।
जिलाधिकारी ने हर हाल में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की उपस्थिति बढ़ाए
जाने का निर्देश दिया। इस दौरान अजीत कुमार, बिंदेश्वरी सिंह आदि मौजूद
रहे।