चंदौली पुलिस के गिरफ्त में साइबर ठग के आरोपी। स्रोत:-जागरूक पाठक
साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने और फर्जी पहचान के सहारे बैंकिंग लेनदेन करने के आरोप में चंदौली कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार निवासी धुन्नू, थाना शहाबगंज, राजेश उर्फ पखण्डू निवासी बढ़वल खास और राहुल कुमार निवासी बढ़वल खास, थाना सकलडीहा के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन बैंक पासबुक, तीन कूटरचित आधार कार्ड और एक स्मार्टफोन बरामद किया है। जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों से दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में दर्ज ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों का कनेक्शन सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, साइबर सेल की जांच के दौरान बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते की गतिविधियां संदिग्ध मिली थीं। आशंका थी कि खाते का इस्तेमाल साइबर अपराध से अर्जित रकम प्राप्त करने और उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जा रहा है। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर खाते की जांच की गई तो इससे विभिन्न राज्यों में दर्ज ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी मिलीं। मामले में चंदौली कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक चंदौली के नेतृत्व में पुलिस और साइबर सेल की टीम ने रविवार रात करीब सवा 12 बजे मझवार रेलवे स्टेशन के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी नाम, फोटो अपनी, ऐसे चलता था खेल
पुलिस के मुताबिक, पवन कुमार के पास से बैंक ऑफ इंडिया की पासबुक बरामद हुई। इसके साथ मिले आधार कार्ड पर नाम राकेश कुमार दर्ज था, जबकि फोटो पवन कुमार की लगी थी। राजेश उर्फ पखण्डू के पास से केनरा बैंक की पासबुक और दूसरे व्यक्ति के नाम का आधार कार्ड मिला। इसी तरह राहुल कुमार के पास से उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की पासबुक और रमेश कुमार के नाम का आधार कार्ड बरामद हुआ। इन आधार कार्डों पर भी आरोपियों की फोटो लगी थी, जबकि नाम और अन्य विवरण दूसरे लोगों के थे।
खातों से जुड़े मिले 13 साइबर फ्रॉड
पुलिस ने बरामद पासबुक से जुड़े बैंक खातों की राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर जांच की। इसमें पवन कुमार से संबंधित खाते के खिलाफ तीन ऑनलाइन साइबर फ्रॉड की शिकायतें मिलीं। राजेश के कब्जे से मिली पासबुक से जुड़े खाते के संबंध में छह शिकायतें, जबकि राहुल से संबंधित खाते के खिलाफ चार साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिलीं। इस तरह तीनों आरोपियों से जुड़े खातों के संबंध में कुल 13 ऑनलाइन साइबर ठगी की शिकायतें सामने आई हैं। पुलिस अब इन खातों में हुए लेनदेन, रकम भेजने और निकालने वाले लोगों तथा इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र तक जुड़े तार
पुलिस के अनुसार, बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन की जानकारी सामने आने के बाद राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से सत्यापन किया गया। इसमें दिल्ली, गुजरात और महाराष्ट्र में दर्ज ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतों से खातों का संबंध सामने आया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को इधर-उधर करने में मदद करते थे। चंदौली कोतवाली प्रभारी विदंश्वर पांडेय ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरामद बैंक खातों और मोबाइल की जांच के साथ ही साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने अन्य बैंक खाते उपलब्ध कराए और इस नेटवर्क में उनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं।