मेरी आवाज सुनो------पीडीडीयू नगर में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन। स्रोत:-जागरूक पाठक
पीडीडीयू नगर। नौ दिनों तक जिन देवी दुर्गा की प्रतिमाओं के सामने श्रद्धालुओं ने सिर झुकाकर सुख-समृद्धि की कामना की, विसर्जन के बाद उन्हीं प्रतिमाओं के अवशेषों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
पूजा के दौरान पंडालों से लेकर विसर्जन स्थलों तक व्यवस्था के दावे किए गए, लेकिन विसर्जन के सात दिन बाद भी तालाबों और पोखरों के किनारे गंदगी पसरी है।
कहीं देवी-देवताओं के टूटे हाथ और सिर बिखरे पड़े हैं तो कहीं पुआल, कपड़े और प्रतिमाओं के दूसरे अवशेषों का ढेर लगा है। कई जगह पानी में प्रतिमाओं के अवशेष सड़ रहे हैं, जिससे दुर्गंध फैल रही है।
पड़ाव के सूजाबाद स्थित अस्थायी तालाब से लेकर पीडीडीयू नगर के दामोदरदास पोखरे और मानसरोवर तालाब तक की स्थिति सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
मेरी आवाज सुनो------पीडीडीयू नगर में क्षतिग्रस्त पाइप लाइन। स्रोत:-जागरूक पाठक