फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandauli News: छह परिवारों के 30 कारीगर मां दुर्गा की मूर्तियों को दे रहे आकार

विज्ञापन
पीडीडीयू नगर के नई बस्ती में मूर्ति को गढ़ती महिला कलाकार। संवाद
विज्ञापन
चंदौली। दुर्गा पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जिले में कारीगर मां दुर्गा की मूर्तियों को आकार देने में जुट गए हैं। पीडीडीयू नगर, चंदौली, सकलडीहा, चहनिया क्षेत्र में मूर्तियों का निर्माण शुरू हो गया है। पीडीडीयू नगर के नई बस्ती और सेंट्रल कॉलोनी में छह परिवारों के 30 कारीगर मां दुर्गा की मूर्तियों को आकार देने में जुटे हैं। जिले में 280 पंडालों में मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
विज्ञापन

नई बस्ती में चार परिवारों के करीब 20 कारीगर मूर्तियों का निर्माण कर रहे हैं। पिछले वर्ष यहां से करीब 200 मूर्तियों के सेट की आपूर्ति हुई थी। इस बार अभी तक 50 सेट के ऑर्डर मिल चुके हैं। एक सेट में शेर पर सवार मां दुर्गा के साथ मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और महिषासुर की मूर्तियां होती हैं। नई बस्ती में तैयार मूर्तियां जिले के बबुरी, सैयदराजा, चंदौली और चकिया के अलावा मिर्जापुर के अहरौरा, चुनार और जमालपुर जाती हैं। वहीं, बिहार के दुर्गावती और भभुआ से भी खरीदार लेने आते हैं। इसके अलावा सेंट्रल कॉलोनी में भी मूर्तियां तैयार की जा रही हैं।
इनसेट-
महंगी मिट्टी ने बढ़ाई लागत
मिट्टी, रंग, लकड़ी और अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से मूर्तियों की लागत बढ़ गई है। कारीगरों ने बताया कि पिछले साल एक ट्रैक्टर मिट्टी ढाई से तीन हजार रुपये में मिल जाती थी। इस बार इसकी कीमत साढ़े तीन से चार हजार रुपये पहुंच गई है। एक ट्रैक्टर मिट्टी से दो सेट मूर्तियां तैयार होती हैं। इस बार पांच हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक की मूर्तियां तैयार की जा रही हैं।
विज्ञापन


इनसेट :
एक सेट में छह मूर्तियां
एक प्रतिमा सेट में शेर पर सवार मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और महिषासुर की प्रतिमाएं शामिल होती हैं। पूजा समितियों की मांग के अनुसार इनके आकार और सजावट में बदलाव किया जाता है।

इनसेट :
पांच हजार से 50 हजार तक कीमत
कारीगरों ने बताया कि इस बार मूर्तियों की कीमत करीब पांच हजार रुपये से शुरू होकर 50 हजार रुपये तक है। आकार, डिजाइन, प्रतिमाओं की संख्या और सजावट के आधार पर कीमत तय की जा रही है।
इनसेट-
बोले मूर्तिकार
-मिट्टी और निर्माण सामग्री के दाम बढ़ने से लागत बढ़ी है। बारिश के कारण मूर्तियों को सुखाने में भी परेशानी हो रही है। इसके बावजूद समय से ऑर्डर पूरा करने के लिए कारीगर जुटे हुए हैं। - मोनू कुमार, नई बस्ती
- पूजा समितियों से अभी तक 50 सेट के ऑर्डर मिले हैं। इस बार करीब 150 सेट मूर्तियां तैयार करने का लक्ष्य है। पंडालों के हिसाब से प्रतिमाओं की डिजाइन और आकार की मूर्तियां बनाई जा रही हैं। - पिंटू , नई बस्ती
- मूर्तियां बनाने में मिट्टी के साथ लकड़ी, रंग और अन्य सामान की जरूरत होती है। इनकी कीमत बढ़ने से लागत भी बढ़ी गई है। बारिश और जगह की कमी से मूर्तियां तैयार करने में परेशानी हो रही है। - राजकुमार, नई बस्ती
- हम लोग लंबे समय से मूर्तियां बनाने का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद हमें कलाकार का दर्जा नहीं मिला। न तो सरकारी सहायता दी जाती है। यदि सस्ती मिट्टी मिलती तो मूर्तियां भी सस्ती होतीं। - मेवालाल प्रजापति, नई बस्ती
विज्ञापन


इनसेट-
दुर्गा पूजा की तिथि-
महालया: 10 अक्टूबर
महाषष्ठी: 16 अक्टूबर
महासप्तमी: 17 अक्टूबर
महाअष्टमी: 18 अक्टूबर
महानवमी: 19 अक्टूबर
विजया दशमी 20 अक्टूबर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें