संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। जीएसटी 2़ 0 से गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी। । 22 सितंबर से नए दो स्लैब का लाभ आमजनता को मिलने लगेगा। वहीं विलासिता की वस्तुओं पर जीएसटी 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
दो नए स्लैब से मरीजों व उनके परिजनों को भी राहत मिलेगी। मेडिकल क्षेत्र में जीएसटी कम होने से दवाएं सस्ती होंगी, लेकिन दवाओं की कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे।
सरकार ने इसे जीएसटी 2.0 नाम दिया है। नई जीएसटी सिस्टम में टैक्स स्ट्रक्चर को और आसान बनाने के लिए केवल दो ही स्लैब रखे गए हैं। जहां एक तरफ अब रोजमर्रा की जरूरत की चीजों पर टैक्स कम होगा।
वहीं, दूसरी तरफ अब नुकसानदायक और विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स को बढ़ा दिया गया है। अब से सॉफ्ट ड्रिंक्स, शक्कर और फ्लेवर वाले पेय पर लगने वाला जीएसटी 28 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके अलावा 1200 सीसी से बड़ी पेट्रोल और 1500 सीसी से बड़ी डीजल कारों पर 40 प्रतिशत टैक्स लगेगा। जीएसटी में सुधार निश्चित रूप से देश की अर्थव्यवस्था में गति प्रदान करने का कार्य करेगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में कमी होगी, जिससे क्रय शक्ति बढ़ेगी । इससे दुरगामी प्रभाव से औघौगिक क्षेत्र में निवेश में बढ़ोतरी होगी।
कर प्रणाली की जटिलता कम होने से लोगों को सुविधा होगी। देश के विकास दर 1 प्रतिशत से 1.5 प्रतिशत अतिरिक्त वृद्धि का अनुमान है।
कृषि आदानों यानी सभी संसाधन, सामग्री या सेवाएं हैं जिनका उपयोग किसान फसल उत्पादन और खेती के लिए करते हैं।
इनमें बीज, उर्वरक, कीटनाशक, पानी, मिट्टी, मशीनरी और उपकरण और वित्तीय सहायता जैसी चीज़ें शामिल हैं, जो खेती की प्रक्रिया को बेहतर बनाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए ज़रूरी होती हैं। क्या होता है पर स्लैब 18 से कम कर 5 प्रतिशत किए जाने का भारतीय किसान संघ ने स्वागत किया है।
माया देवी
माया देवी
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