इलिया। धान की रोपाई चल रही है, लेकिन नहर पर पुल समेत अन्य कार्य चल रहे हैं। नहरों में पानी नहीं रहने से गोविंदपुर रजबाहा और वेन धरौली रजबाहा से रोपाई करने वाले 50 गांव के किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लेफ्ट और राइट कर्मनाशा की नहर भी पानी की अभाव में सूखी है। किसानाें को खेतों में पानी पहुंचाने के लिए निजी सिंचाई के साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। सीधा असर खेती की लागत पर पड़ेगा। किसानों का कहना है कि नर्सरी डालने में जहां निजी साधन का सहारा लेना पड़ा। वहीं धान की रोपाई के समय भी वैसी स्थिति बनी हुई है। धान की रोपाई पीछे ना हो जाए, इसके लिए किसान निजी साधनों से काम चला रहे हैं। करईल क्षेत्र के किसानों का कहना है कि बेन धरौली रजबाहा, लेहर खास माइनर, गोविंदपुर राजवाहा, मसोई रजबाहा में अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। किसान धान की रोपाई जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू कर देते हैं, लेकिन इस बार धान की उपज प्रभावित होने की आशंका है। यही हाल लिफ्ट कर्मनाशा नहर का भी है। धान की नर्सरी डालने के लिए नहर में पानी नहीं आया है।
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अभी नहरों में पुल और छलकों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे पानी आने में देरी हो रही है।
मुनिराज यादव, अभियंता,सिंचाई विभाग