सिकठा में सूखे खेत को दिखाता किसान। संवाद
- फोटो : CHANDAULI
कंदवा। नरायनपुर पंप कैनाल से संबद्ध अमड़ा बड़ी नहर व उसकी शाखाओं में इन दिनों पानी नदारद है। इससे पानी के अभाव में फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। पानी के अभाव में खेतों में पड़ी दरारों को देखकर किसान काफी परेशान हैं।
नरवन परगना के गांवों के खेतों की सिंचाई के लिए नरायनपुर से निकली अमड़ा बड़ी नहर से पानी उपलब्ध होता है। इस नहर से धीना रजवाहा सहित करीब दो दर्जन छोटी बड़ी माइनरों से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है। बड़ी नहर में पानी न के बराबर है। इससे टेल के गांवों के किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे जिन किसानों ने किसी तरह रोपाई करा भी लिया पानी के अभाव में उनके धान के खेतों में दरारें पड़ गई हैं और फसलें सूखने लगी हैं। इसे देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींचने लगी हैं। किसान रतन सिंह, कामेश्वर राय, अंजनी सिंह, रमेश राय, देवेंद्र राय, अनुराग सिंह, केदार सिंह ने कहा कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे खेतों में दरारें पड़ गई हैं और फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है। खेतों में पड़ी दरारों और सूखती फसल को देख देख कर किसानों को कलेजा जार- जार रो रहा है लेकिन किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है।
कंदवा। नहरों में टेल तक पानी न होने के चलते अमड़ा से नीचे करीब पांच हजार एकड़ खेतों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।बड़े पैमाने पर सूखते खेतों को देख किसानों के हृदय जार जार रो रहे हैं।हर सम्भव प्रयास के बाद भी खेतों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। जिससे खेतों में दरार पड़ गई है।वहीं पानी के अभाव में तो कई किसानों के खेतों की रोपाई भी नहीं हो पाई है।