पीडीडीयू नगर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में समाजवादी पार्टी के सदस्यों को तोड़ने की साजिश की जा रही है। इसके लिए धन बल का उपयोग किया जा रहा है। प्रदेश चुनाव आयोग भी इस पर मौन है। यह आरोप बुधवार को पूर्व सांसद सहित सपा के पूर्व विधायकों और जिलाध्यक्ष ने प्रेसवार्ता कर भाजपा पर लगाया। कहा कि सपा के पास 15 सदस्य एकजुट हैं। सात निर्दलीय सदस्य भी हमारे संपर्क में हैं। बावजूद इसके सत्ता के बल पर भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत के दावे कर रही है।
पूर्व सांसद रामकिशुन ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में नियम कानून सब ताक पर रख दिए गए हैं। सत्ताधारी दल ऐन केन प्रकारेण अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा करना चाहती है। चंदौली में सपा सदस्यों को तोड़ने की कोशिश हो रही है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। नामांकन के दिन से समाजवादी पार्टी के 15 सदस्य एकजुट है। इसके साथ ही सात निर्दलीय सहित अन्य सदस्य संपर्क में हैं। मनोज सिंह काका ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा की जीत होगी। कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2022 में लोकतांत्रिक मूल्यों की बहाली के मुद्दे पर चुनाव होगा। सकलडीहा विधायक प्रभुनरायन सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश में धन बल की बदौलत भाजपा सत्ता हासिल करना चाहती है। सपा ऐसा नहीं होने देगी। पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू ने कहा कि पर्चा भरने के दिन से अब तक सपा के 15 सदस्य साथ में हैं। सात अन्य लोग समर्थन दे रहे हैं। इस तरह 35 सदस्यीय जिला पंचायत में 22 सदस्य हमारे साथ हैं। पूर्व विधायक बब्बन सिंह चौहान ने कहा कि भाजपा के दुष्प्रचार के खिलाफ सपा दम खम के साथ मुकाबले में खड़ी है। सपा जिलाध्यक्ष सत्यनरायन राजभर ने कहा कि सपा के सभी सदस्य एकजुट हैं। तोड़ने में असफल भाजपा अब प्रयास में हैं कि किसी तरह सदस्यों को वोट देने से रोका जाए। उन्होंने आम लोगों से भी चुनाव के दौरान जिला मुख्यालय पहुंचने का आह्वान किया। वार्ता के दौरान चकिया की पूर्व विधायक पूनम सोनकर, पूर्व प्रमुख बाबूलाल यादव आदि रहे।