सिंचाई विभाग के अनुसार जलापूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए कुल 12 मोटरों का संचालन किया जा रहा है। इनमें दो मोटरें स्टैंडबाय के रूप में रखी गई हैं, ताकि किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में पानी की आपूर्ति प्रभावित न हो।
सिंचाई विभाग की उपखंड अधिकारी तृप्ति सोनी ने बताया कि नहरों की क्षमता बढ़ाने के साथ व्यापक स्तर पर सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। जहां आवश्यकता होगी, वहां वर्टिकल वॉल का निर्माण कराया जाएगा, ताकि नहरों की संरचना मजबूत बनी रहे और पानी का प्रवाह बाधित न हो।
उन्होंने बताया कि नहरों का चौड़ीकरण भी किया जा रहा है, जिससे अधिक मात्रा में पानी छोड़ा जा सके। विभाग का लक्ष्य क्षेत्र के किसानों तक पर्याप्त सिंचाई जल पहुंचाना है, ताकि खेती के दौरान पानी की कमी न हो।