ताराजीवनपुर। अलीनगर थाना के कैली गंगा घाट पर रविवार की रात बाइक से महिला का शव लेकर पहुंचे पिता-पुत्र को ग्रामीणों ने गंगा में प्रवाह करने से रोक दिया। ग्रामीणों ने गर्दन पर चोट का निशान देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव के साथ पिता-पुत्र को उनके घर लौटा दिया।
इलिया थाना के डेहरी कला गांव निवासी पलटू चौहान अपने पुत्र विशाल के साथ बाइक से पत्नी सुनीता (40) का शव लेकर रविवार की देर शाम कैली गंगा घाट पर पहुंचा। वह शव को गंगा में प्रवाहित करने जा रहा था कि घाट पर मौजूद लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला के गले पर निशान हैं। उसकी मौत का कारण संदिग्ध लग रहा है। उसका पोस्टमार्टम जरूरी है। महिला के परिवार वालों का कहना था कि उसकी मौत सर्पदंश से हुई है।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने इलिया थाना अध्यक्ष से वार्ता की। इसके बाद शव को वापस गांव भेज दिया। भूपौली चौकी प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि पिता-पुत्र युवती का शव गंगा में प्रवाहित करना चाहते थे। ग्रामीणों के विरोध के बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा। इलिया थानाध्यक्ष सत्येंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि इस संदर्भ में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। डेहरी कला गांव के लोग भी नहीं पता पाए कि आखिर महिला के शव का क्या हुआ।