बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु रविवार की शाम वाराणसी के लिए पैदल रवाना हुए। शाम सात बजे से लोगों के जाने का सिलसिला शुरू हुआ तो पूरी रात सड़कें गुलजार रही और बोल बम के जयकारे लगते रहे। इस दौरान विभिन्न संगठनों ने जगह जगह शिविर लगाकर कांवरियों को जलपान कराया।
सावन के दूसरे सोमवार को भी लोगों में खूब उत्साह दिखाई दिया। रविवार की शाम होते ही केशरिया वस्त्र धारण कर और कमर में प्लास्टिक का लोटा खोस कर लोग वाराणसी के लिए चले। शाम सात बजते बजते सड़क पर कांवरिये दिखने लगे। बच्चे, बुजुर्ग, जवान और महिलाओं का दल बोल बम का नारा लगाते हुए नाचते गाते रवाना हुए।
चंदौली सैयदराजा, पचफेडवा सहित अन्य इलाकों के लोग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो से ही वाराणसी के लिए रवाना हुए जबकि चहनियां, धानापुर, सकलडीहा, अलीनगर, नगर के विभिन्न इलाकों से कांवड़िये जीटी रोड होते हुए वाराणसी गए। इस दौरान बस स्टैंड, काली मंदिर, धर्मशाला रोड के समीप, नई सट्टी, चंदासी आदि स्थानों पर स्वयं सेवी संगठनों ने शिविर लगाकर भक्तों को जलपान कराया। डीजे पर प्रतिबंध की वजह से शिविरों में लग रहा था कि रौनक नहीं होगी लेकिन जब भक्त नाचते गाते पहुंचे तो यहां की रौनक देखते ही बन रही थी। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। वहीं नगर के आरपीएफ कालोनी, मानसनगर, डीजल कालोनी, सेंट्रलकालोनी, चतुर्भुजपुर, काली महाल, रविनगर, कैलाशपुरी, कैथापुर, शाहकुटी सहित अन्य शिव मंदिरों पर सोमवार के पूजा की तैयारी की गई। सकलडीहा में बाबा कालेश्वरनाथ धाम, जामेश्वर नाथ धाम, शिकारगंज में जागेश्वरनाथ धाम सहित अन्य शिव मंदिरों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।