सकलडीहा। स्थानीय विकास खंड के 104 गांवो में मनरेगा में श्रम और सामग्री पर धन खर्च करने के लिए निर्धारित 60 और 40 के मानक का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। मनरेगा में श्रमिकों पर 60 प्रतिशत और चालीस प्रतिशत निर्माण सामग्री पर खर्च की जानी है। ब्लाक के गांवों में श्रमिकों पर हुए खर्च से अधिक सामग्री पर खर्च की गई है।
ब्लाक में वित्तीय वर्ष 2021-22 में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यो का पर नजर डाली जाए इसका खुलासा हो जा रहा है। नोनार गांव में श्रम पर 5. 97 लाख रुपए खर्च किए गए जबकि निर्माण सामग्री पर 11.44 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। पिपरी गांव में श्रम पर 3.17 लाख जबकि समाग्री पर 10.69 लाख रुपए खर्च हुए है। इसी तरह बर्थरा कला गांव मे श्रम पर 6.91 लाख जबकि सामग्री पर 11.12 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इटवा गांव में श्रम पर 4.11 लाख और सामग्री पर 10.17 लाख रुपये खर्च हुए हैं। इसी तरह डेढ़गांवा,बसारिकपुर,फुल्ली गांव में श्रम से अधिक सामग्री पर धनराशि व्यय की गई है। इस संबंध में बीडीओ अरूण कुमार पांडेय ने बताया कि मनरेगा का जो भी मानक है उसे पूरा मार्च तक कराया जाता है। गांव में सरकारी योजना के बढ़ने घटने से थोड़ी समस्या आ जाती है। अतिरिक्त कार्य कराना पड़ जाता है।
सकलडीहा। स्थानीय विकास खंड के गांवों में महिला मेठ की नियुक्ति की गई है। शुक्रवार को पीडी सुशील कुमार त्रिपाठी ने ब्लाक सभागार में मनरेगा कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान महिला मेठों को जितना कार्य और उपस्थित उतना ही दर्ज करने का निर्देश दिया।
विकास खंड के 104 गांवों में मनरेगा मेठों को कार्यशाला के माध्यम से मनरेगा कार्य की गुणवत्ता पर विशेष जोर देने को बताया गया था। इसके साथ ही कार्य स्थल पर उपस्थिती के अनुसार बगैर दबाव में मस्टरोल दर्ज कराने का निर्देश दिया। रोजगार सेवक, पंचायत सहायक व ग्राम प्रधान के बगैर प्रलोभन में कार्य को निस्तारण करे। इसके साथ ही महिला मेठों को गरीब महिलाओं के पेंशन व केवाईसी व गांव के विकास में सहयोग प्रदान करने की बात कही। इस मौके पर बीडीओ अरूण कुमार पांडेय, एडीओ बजरंगी पांडेय, रमेश चैधरी,एडीओ समाज कल्याण आशीष गुप्ता रहे।