चंदौली। शासन ने 18 से 40 वर्ष आयु के लोगों को वैक्सीनेशन के लिए स्मार्टफोन से पंजीयन कराने का निर्देश जारी किया है। ताकि लोगों को सुरक्षित रखने के साथ ही उनका डाटा सरकार के पास उपलब्ध हो। लेकिन जिले में पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में निवास करने वाले लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है। ऐसे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए पंजीयन कराना काफी कठिन हो रहा है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के पास अभी तक इसका विकल्प तैयार नहीं है। जिले की आबादी करीब 21 लाख से अधिक है। इसमें नौगढ़, चकिया, शहाबगंज तथा बरहनी ब्लाक के 18 गांव नक्सल प्रभावित है। इन गांवों में शिक्षा के साथ भौतिक सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में यहां के लोगों के पास सामान्य मोबाइल तो दूर स्मार्टफोन की उपलब्धता दूर की बात है। शासन ने 18 से 40 वर्ष आयु के लोगो को वैक्सीन लगवाने के लिए पहले स्मार्टफोन से ऑनलाइन पंजीयन कराने का आदेश जारी किया है। परन्तु जब ज्यादातार लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं है तो लोग कैसे पंजीयन कराएंगे। इसको लेकर अभी गांवों में भ्रम की स्थिती बनी हुई है। वहीं कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन लगवाने के इच्छुक लोगों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य महकमे के अफसर भी इस मुद्दे पर कुछ बोलने से बच रहे है। सीएमओ डा. वीपी द्विवेदी ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए लोगों को पंजीयन कराना होगा। क्योकि पंजीयन कराने के बाद आवेदक के मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन नंबर भेजा जाएगा। जिसके आधार पर ही संबंधित व्यक्ति को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगाया जाएगा। एक मोबाइन से अधिकतम तीन लोगों का पंजीयन किया जा सकता है।