पीडीडीयू नगर। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी एसोसिएशन की ओर से भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीम राव आंबेडकर की जयंती पखवाड़ा के पहले दिन मंगलवार को पीडीडीयू नगर में रन फॉर आंबेडकर जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल कर्मचारियों ने जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार वर्तमान में ज्यादा प्रासंगिक हैं।
इससे पहले रन फाॅर अंबेडकर के लिए एसोसिएशन के बैनर तले लोग पीडीडीयू नगर के दामोदरदास पोखरे के पास एकत्र हुए। दोपहर बाद एसोसिएशन के सदस्य हाथ में आंबेडकर के विचार को प्रदर्शित करने वाले नारे लिखीं तख्तियां लेकर नारे लगाते हुए चल रहे थे। जुलूस में शामिल कई लोग पंचशील और नीला पट्टा गले में लगाए हुए और सिर पर नीली टोपी लगाकर चल रहे थे। एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र कुमार ने बताया कि जुलूस तथागत बुद्ध के समता, स्वतंत्रता, न्याय, बंधुत्व, करुणा, शील, अहिंसा तथा बाबा साहब के संविधान के अनुरूप देश के संचालन एवं उचित प्रनिधित्व से प्रेरित होकर निकाला जा रहा है। यह संविधान में प्रतिनिधित्व, स्वतंत्रता, बराबरी, न्याय, मानवता, बंधुत्व, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं एकता की स्थापना के लिए है। उधर, जुलूस नगर भ्रमण करते हुए चकिया तिराहे पर पहुंचा। यहां जुलूस सभा में तब्दील हो गया। इस दौरान बुद्धमित्र मुसाफिर ने कहा कि बाबा साहब एक मात्र ऐसे महापुरुष हैं जिनकी जयंती लगभग एक महीने मनाई जाती है। भारत के साथ ही पूरी दुनिया में बाबा साहब की जयंती मनाई जाती है। बाबा साहब ने अपने कार्यों से देश की दिशा और दशा बदलने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना और उसमें निहित सामाजिक एवं लोकतांत्रिक मूल्यों का संरक्षण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। यह रन फॉर अंबेडकर कार्यक्रम उसी के निर्वहन की एक कड़ी है। दिनेश चंद्रा ने कहा कि बाबा साहब ने भारतीय समाज के शुद्धिकरण का कार्य किया। साथ ही दुनिया को यह बताने का कार्य किया कि बुद्ध की धरती के लोग सदा ज्ञान और तर्क से कार्य करते हैं। इस दौरान डॉ. रवि, विनोद, जयप्रकाश, डॉ. सुरेश अकेला, संजीत भारती, डॉ. चंद्रभानु, रामकृत, कवींद्र, प्रमोद, संतोष, अरविंद, मदन मुरारी आदि मौजूद रहे।