एटीएम के बाहर कतार में खड़े लोग।
नोटबंदी के 25 दिन बाद भी जिले के एटीएम की स्थिति नहीं सुधरी है। नतीजन लोगों को छोटी छोटी रकम निकालने के लिए बैंकों में लंबी कतार में लगना पड़ रहा है। रविवार को बैंकों में छूट्टी रही। ऐसे में लोगों को एटीएम पर आश्रित होना पड़ा लेकिन जनपद के 74 एटीएम शाखाओं में मात्र चार एटीएम ही काम करते रहे। इन एटीएम शाखाओं में भी शाम तक पैसा खत्म हो गया।
काला धन के खिलाफ लडाई के नाम पर अचानक पांच सौ और हजार रुपये के नोट अमान्य किए जाने के 25 दिन बीत गए लेकिन अब तक स्थिति नहीं सुधरी। समय से एटीएम में कैश नहीं डाले जाने की वजह से अधिकतर एटीएम शाखाओं के बारह कैश नहीं है लिख कर टांग दिया जा रहा हे। इससे लोगों को छोटी छोटी रकम के लिए भी इधर उधर भटकना पड़ रहा है। रविवार को बैंकों की साप्ताहिक छूट्टी रही। ऐसे में लोगों के लिए पैसे निकासी के लिए एक मात्र सहारा एटीएम ही रह गए लेकिन नगर में एटीएम शाखाओं ने भी ग्राहकों को ठेंगा दिखा दिया। नगर में करीब पचास एटीएम शाखा हैं, लेकिन अधिकतर एटीएम शाखाएं बंद रही। नगर में विजया बैंक से ही पैसे मिले लेकिन शाम को यहां भी पैसे खत्म हो गए। इसके अलावा स्टेट बैंक आफ इंडिया की परमार कटरा के सामने स्थित शाखा, स्टेशन परिसर शाखा,डीआरएम आफिस शाखा, लोको मंडलीय चिकित्सालय शाखा, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, यूको बैंक, पीएनबी, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक सहित अन्य बैंक के एटीएम के शटर गिरे रहे।
इसी तरह चंदौली, चकिया आदि में भी एक एक एटीएम काम करते रहे। इस बावत जिला अग्रणि प्रबंधक एसके पाढी ने बताया कि एटीएम शाखाओं को तेजी से ठीक किया जा रहा है। पैसे भरने में देरी होने की वजह से दिक्कत हो रही है। जल्द ही स्थिति ठीक हो जाएगी।