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Chandauli News: पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ी, रोज भर्ती हो रही 15 मरीज

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जिला अस्पताल में भर्ती मरीज। - फोटो : संवाद
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चंदौली। बारिश के मौसम ने खानपान में लापरवाही और दूषित पानी पीने के कारण लोग पेट दर्द और डायरिया से पीड़ित हो रहे हैं। इसके चलते पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। एक सप्ताह पहले तक जहां रोजाना औसतन 10 मरीज भर्ती किए जा रहे थे अब यह संख्या दोगुनी होकर 20 से अधिक प्रतिदिन पहुंच गई है। वहीं भर्ती होने वालों में 15 से ज्यादा मरीज पेट दर्द और डायरिया से संबंधित हैं।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस बढ़ी हुई संख्या में सबसे अधिक मरीज पेट दर्द, गैस्ट्रो, उल्टी-दस्त और डायरिया से पीड़ित हैं। बच्चों और वृद्धों में बीमारियों की दर सबसे अधिक देखी जा रही है। वहीं कई मरीज ऐसे भी हैं जो गांवों से आने के कारण देरी से इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल के सामान्य वार्ड में मरीजों की संख्या इतनी बढ़ चुकी है कि कई मरीजों को अस्थाई व्यवस्था के तहत बेड दिए जा रहे हैं। वर्तमान में सामान्य वार्ड में 80 से अधिक मरीज भर्ती हैं। वहीं, इमरजेंसी विभाग में प्रतिदिन 70 से 80 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, जिनमें से कम से कम 20 मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है।
खानपान में लापरवाही और दूषित जल है प्रमुख कारण
अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में तैनात डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में जलजनित रोगों के मामले तेजी से बढ़ते हैं। दूषित पानी पीने, खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों के सेवन और खराब स्वच्छता के कारण सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर पड़ रहा है।
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ग्रामीण इलाकों से सबसे ज्यादा मरीज
जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों में नगवा, बरहनी, चकिया, शहाबगंज और सैयदराजा क्षेत्र के गांवों से आने वालों की संख्या अधिक है। इन क्षेत्रों में पीने के पानी की गुणवत्ता खराब है और नालियों की सफाई न होने के कारण संक्रामक बीमारियां तेज़ी से फैल रही हैं। वहीं गंगा किनारे के पड़ाव, सूजाबाद, जलीलपुर, डोमरी सहित 25 गांवों के लोग आज भी आर्सेनिक युक्त पानी पीने को मजबूर हैं।

1200 के करीब ओपीडी में भी 400 से ज्यादा मरीज पेट से संबंधित
जिला अस्पताल की सामान्य ओपीडी में शनिवार को 1200 के करीब मरीज पहुंचे। जबकि एक सप्ताह पहले इनकी संख्या 1100 के आसपास थी। मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही 1200 में से 400 से ज्यादा मरीज पेट से संबंधि बीमारियों के ही आ रहे हैं। इसके पीछे का कारण गंदगी और दूषित पानी है।
बदलते मौसम में क्या रखें सावधानी पानी उबालकर या फिल्टर कर पीएं
-बासी, कटे-फटे या खुले में बिक रहे खाद्य पदार्थों से परहेज करें
-हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखें
-उल्टी, दस्त, बुखार या कमजोरी की स्थिति में तुरंत इलाज कराएं
एक नजर आंकड़ों पर
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-1200 के करीब जिला अस्पताल की ओपीडी में रोज आ रहे मरीज।
-400 से ज्यादा रोजाना पेट से संबंधित बीमारियों के मरीज ओपीडी में।
-200 के करीब त्वचा रोग के भी मरीजा आ रहे रोजाना।
-70 से ज्यादा मरीज रोज आ रहे इमरजेंसी में ।
-20 से ज्यादा मरीज इमजरेंसी में हो रहे भर्ती।
-15 के करीब भर्ती मरीज पेट से संबंधि बीमारियेां से ग्रसित।
-80 मरीज सामान्य वार्ड में हैं भर्ती।
-100 बेड का है जिला अस्पताल का सामान्य वार्ड।
इमरजेंसी में रोजाना 20 के करीब मरीज भर्ती हो रहे हैं। गैस्ट्रो और डायरिया जैसी बीमारियां मौसमी हैं लेकिन इनसे बचाव संभव है। लोग साफ पानी पीएं, घर का बना ताजा भोजन ही खाएं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी महसूस होते ही ओआरएस घोल का सेवन करें और डॉक्टर से सलाह लें।-डॉ.संजय कुमार, चिकित्सक, इमरजेेंसी, जिला चिकित्सालय
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