विद्यालयों के नये सत्र का आगाज शुक्रवार को हुआ। बच्चों के विद्यालय पहुंचते ही कोलाहल आरंभ हो गया। प्रार्थना सभा के बाद बच्चे कक्षाओं में प्रवेश कर अपनी छुट़िटयों को किस तरह बिताया यह एक दूसरे से शेयर किये। हालांकि रमजान माह के चलते अलविदा की नमाज होने के कारण सरकारी विद्यालय नह़ी खुले। केंद्रीय विद्यालय में सुबह ही कक्षाओं आरंभ हो गयी। सुबह तैयार होकर बच्चे विभिन्न साधनों से विद्यालय गये। हालांकि पहले दिन पठन पाठन का कार्य अपेक्षाकृत नहीं रहा। गर्मी से बच्चे व्याकुल रहे।
नये सत्र में पवेश लिये छात्रों के लिये नया स्कूल अनजाना लग रहा है। कुछ बच्चे जो पिछले स्कूल में पढ़े थे नये स्कूल में प्रवेश के साथ नये साथियों के साथ अपने हाल हाल को बयां किये। वहीं कुछ विद्यालयों में इसी महीने में टेस्ट भी होंगे जिसकी तैयारियों के बाबत चर्चा की। जो बच्चे छुट्टियों में कहीं गये थे। वे समय से घर आ गये। शुक्रवार को स्कूल जाने के लिये हालांकि तैयारी करने में अभिभावकों को परेशानी उठानी पड़ी। छोटे बच्चों को उठाने व उन्हें तैयार करने माताओं को परेशान होना पड़ा।
रमजान माह का आखिरी शुक्रवार होने की वजह से अलविदा का नमाज होने के चलते सरकारी विद्यालय नहीं खुले।सड़कों पर विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्रायें खड़ी होकर अपने वाहनों का इंतजार कर रहे थे। बहुत से निजी विद्यालय जून माह में ही खुल गये हैं। केंद्रीय विद्यालय, सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों के पट शुक्रवार को खुले। शनिवार को सरकारी विद्यालयों में पठन पाठन आरंभ होंगे। सत्र की पढाई आरंभ होने के साथ ही किताब कापी के लिये अभिभावक दुकानों पर पहुंच गये। कुछ विषयों की किताबें उपलब्ध नहीं होने पर दुुकानदार उन्हें एक सप्ताह में उपलब्ध हो जाने का आश्वासन दिये।