केंद्र और प्रदेश सरकार शासन-प्रशासन को डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं, लेकिन चंदौली का पंचायती राज विभाग इस मुहिम में पिछड़ता नजर आ रहा है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पिछले पांच वर्षों से ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों के नाम व मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किए गए हैं।
जनपद के नौ विकासखंड- बरहनी, चंदौली, नियामताबाद, चहनिया, सकलडीहा, धानापुर, चकिया, शहाबगंज और नौगढ़ की ग्राम पंचायतों में वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल समाप्ति के करीब है, जबकि वेबसाइट पर आज भी वर्ष 2022 से पहले के प्रधानों और सचिवों की जानकारी दर्ज है। इससे ग्रामीणों को भारी भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी योजना, समस्या या आवश्यक कार्य के लिए वेबसाइट पर दिए गए नंबरों पर संपर्क करने पर अधिकांश फोन बंद मिलते हैं या संबंधित व्यक्ति अब पद पर नहीं है। दूरस्थ क्षेत्रों, विशेषकर नौगढ़ और चकिया के ग्रामीणों को जानकारी के अभाव में बार-बार ब्लॉक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार ने पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए पंचायत स्तर पर डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया है। योजनाओं की निगरानी, भुगतान प्रक्रिया और शिकायत निवारण तक ऑनलाइन किए गए हैं। लेकिन जब बुनियादी जानकारी ही अपडेट नहीं होगी तो डिजिटल व्यवस्था की उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वेबसाइट अपडेट करने की जिम्मेदारी संबंधित कर्मचारियों की है, लेकिन शासन के निर्देशों के बावजूद वर्षों से डेटा संशोधित नहीं किया गया है।
कोट
मामला संज्ञान में आया है। पंचायती राज विभाग को निर्देशित किया गया है कि सभी ग्राम पंचायतों के वर्तमान प्रधानों और सचिवों की जानकारी शीघ्र अपडेट की जाए। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। जनहित से जुड़े किसी भी विषय में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चंद्र मोहन गर्ग, जिलाधिकारी, चंदौली