पीडीडीयू नगर। मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत चतुर्भुजपुर ओड़वार के समीप 3 दिसंबर को बच्चों के विवाद में बीच बचाव करने के दौरान हुई पिटाई से जख्मी व्यक्ति की 23 दिन बाद शुक्रवार की सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। ओड़वार निवासी चंद्र प्रताप सिंह उर्फ मंटू और मनमोहन की घर के समीप ही दुकान है। इनके बड़े भाई भानू प्रताप सिंह और शशि प्रताप सिंह बाहर रहते हैं। तीन दिसंबर की दोपहर में दुकान के सामने एक निजी स्कूल के छात्र आपस में मारपीट करने लगे। फिर छात्र वहां से चले गए। कुछ देर बाद नौवीं और 11वीं में पढ़ने वाले छात्र और दिनेश प्रताप सिंह हॉकी लेकर पहुंचे और मनमोहन और भानू पर हमला बोल दिया। यही नहीं ईट पत्थर चलाए। इससे भानू प्रताप (60) और मनमोहन के सिर में गंभीर रूप से चोट आई। मामले में पुलिस ने दो नाबालिग और दिनेश प्रताप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। वहीं ट्रॉमा सेंटर से दोनों को घर भेज दिया गया। वहीं भानू प्रताप फिर तबीयत खराब होने पर गोधना स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां शुक्रवार की सुबह छह बजे भानू की मौत हो गई।
पीडीडीयू नगर क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि विवाद के बाद मारपीट का प्राथमिकी दर्ज कर शांति भंग की कार्रवाई भी की गई थी। अब गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कार्रवाई की जाएगी।