डाला छठ पर घर लौटने की तैयारी कर रहे प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली, मुंबई समेत अन्य महानगरों से आने वाली अधिकतर ट्रेनों में सीटें रिग्रेट हो चुकी हैं। पूजा स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें नहीं मिलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में जरूरतमंद यात्री टिकट के लिए दलालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। आरोप है कि दलाल टिकट दिलाने के नाम पर सामान्य किराये से दोगुनी रकम मांग रहे हैं।
बिहार और पूर्वांचल के बड़ी संख्या में युवा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक शहरों में निजी कंपनियों में काम करते हैं। इसके अलावा कई लोग कारोबार से भी जुड़े हैं। ये लोग होली, दीपावली, डाला छठ और शादी-विवाह जैसे अवसरों पर घर लौटते हैं। इस बार 13 नवंबर से छठ महापर्व शुरू हो रहा है। 15 नवंबर को संध्या अर्घ्य और 16 नवंबर को उषा अर्घ्य दिया जाएगा।
त्योहार नजदीक आने के साथ ही घर वापसी के लिए ट्रेनों में सीटों की मारामारी बढ़ गई है। रेलवे में 60 दिन पहले आरक्षण की व्यवस्था के तहत यात्री टिकट बुक करा रहे हैं। वहीं, निजी कंपनियों में काम करने वाले कई लोगों को त्योहार से कुछ दिन पहले ही छुट्टी मिल पाती है। ऐसे में अंतिम समय पर टिकट कराने पहुंचने वाले यात्रियों को निराशा हाथ लग रही है। दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनों में सीटें रिग्रेट होने से यात्रियों के सामने घर पहुंचने का संकट खड़ा हो गया है। परिजन भी अपने लोगों की वापसी को लेकर चिंतित हैं।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लगातार स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
— विश्वनाथ, मंडल जनसंपर्क अधिकारी, पीडीडीयू मंडल।