फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाप पुण्य का भेद न कर पाना दुखद

Tue, 10 Nov 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर से आए रामेश्वरानंद जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जन्म लेने के बाद भी पुण्य और पाप का भेद न कर पाना अत्यंत दुखद है।
विज्ञापन


 वर्तमान परिवेश में पूरी दुनिया अर्थ के पीछे दौड़ रही है। ऐसे में हमारे धार्मिक संस्कारों के नष्ट होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इसे बचाने के लिए सभी को सतत प्रयत्न करने की जरूरत है।

सुल्तानपुर से पधारी कथा वाचिका बंदना शास्त्री ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने जीवन में अनेक परेशानियों का सामना करते हुए भी सत्य मार्ग को नहीं छोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


श्रीराम ने अनेक कष्टों को सहने के बाद भी अपने भाइयों को सुख दिया। कैलाश उपाध्याय, सतीश सिंह, हरीश सिंह, इंचल बाबा, मुसाफिर उपाध्याय, कपिलदेव उपाध्याय, सियाराम यादव, नितिन सिंह आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें