अलीनगर थाना क्षेत्र के परशुरामपुर निवासी लाला चौहान(55) की गत गुरुवार को
आपसी विवाद के दौरान हुई मारपीट में मौत के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली
से नाराज ग्रामीणों और परिवार के लोगों ने शुक्रवार को मुख्यालय पर हाईवे
जाम कर दिया।
आरोप लगाया कि जाति विशेष का होने के कारण पुलिस
आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। यही पुलिस ने सही समय पर
घायल को इलाज के लिए भेज दिया होता तो संभवत: उसकी जान बच जाती। इस दौरान
मुगलसराय विधायक बब्बन चौहान भी ग्रामीणों के समर्थन में उतर गए। अंत में
सीओ सकलडीहा और सदर ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लगभग चालीस मिनट के बाद
जाम समाप्त कराया।
परशुरामपुर निवासी लाला चौहान का गुरुवार की शाम
किसी बात को लेकर गांव के कुछ लोगों से झगड़ा हो गया। मारपीट में लाला को
काफी चोट लगी। घटना के कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का
आरोप है कि परिवार के लोग लाला को लेकर अलीनगर थाने पहुंचे।
लेकिन पुलिस
मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी करती रही। इस दौरान घायल लाला की हालत और
खराब होती गई। उसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया, जहां से
चिकित्सकों ने उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। रास्ते में ही लाला की
मौत हो गई।
इसके बाद पुलिस ने चार लोगों के विरुद्घ मुकदमा दर्ज कर शव को
पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम
होने के बाद अपराह्न चार बजे ग्रामीणों ने एसपी सर्जिकल हास्पिटल के
सामने शव के साथ हाईवे को दोनों तरफ से जाम कर दिया।
उसी दौरान वहां
कार्यक्रम में भाग लेने आए मुगलसराय विधायक भी ग्रामीणों के समर्थन में उतर
गए और पुलिस पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाया।
परिवार वाले मृतक
की पत्नी और चार बच्चियों को आर्थिक मदद प्रदान करने और दोषियों के खिलाफ
तत्काल कार्रवाई करने की मांग करने लगे। लोग पुलिस की कार्यप्रणाली से
काफी नाराज थे और सत्ता पक्ष के दबाव में कार्य करने का आरोप लगा रहे थे।
सूचना के बाद पहुंचे सदर कोतवाल साजिद सिद्दीकी, सीओ सकलडीहा, श्यामदेव
बिंद, सीओ सदर प्रमोद यादव ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को
शांत कराया।