धानापुर क्षेत्र के बूढ़ेपुर गांव में चल रहे चतुर्मास यज्ञ में रविवार को संत जीयर स्वामी ने कहा कि सुबह जल्दी उठकर अपनी हाथेलियों का दर्शन करने से लक्ष्मी की कृपा होती है। अपना उद्धार व कल्याण चाहने वालों को ब्रह्म बेला में सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटा पहले जग जाना चाहिए। जगने के बाद श्री हरि का तीन बार उच्चारण करना चाहिए। ऐसा करने से जाने-अनजाने हुए अपराधों का मार्जन हो जाता है।
कहा कि शरीर से मनुष्य उतने पाप नहीं करता जितना स्वप्न में करता है। सुबह उठते ही हथेलियों का दर्शन कर परमात्मा का प्रार्थना करना चाहिए। हाथ के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य भाग में सरस्वती व मूल भाग का दर्शन करने से गोविंद नारायण की कृपा प्राप्त होती है। कहा कि जिस दिन कोई पर्व हो उस दिन दातुन से मुहं नही धोना चाहिए।
दिन में उत्तर की तरफ रात में दक्षिण की तरफ मुंह करके लघुशंका व शौच करें फिर हाथ पैर धोकर जल से कुल्ला कर दंत धावन करें। इसके बाद 16 कुल्ले करना चाहिए। जिस दिन कोई पर्व हो उस दिन दातुन से मुंह नही धोना चाहिए। शास्त्र का नियम है कि उस दिन केवल 16 कुल्ले कर लेने से हीं मुहं की पवित्रता हो जाती है। कथा सुनने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।