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अकीदत से मनाया गया कुर्बानी पर्व बकरा ईद

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पीडीडीयू नगर। जिले में बकरा ईद पूरी अकीदत से मनाई गई। लोगों ने नमाज अदा की और फिर कुर्बानी दी। हालांकि कोरोना की वजह से सामूहिक रूप से नमाज अदा करने और सार्वजनिक रूप से कुर्बानी पर रोक रही। ऐसे में लोगों ने घरों में ही नमाज अदा की। ईदगाह में दो चार लोगों ने नमाज अदा की। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। वही ईदगाहों के पास पुलिस तैनात रही।
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ईद उल अजहा (बकरा ईद) को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां जारी की जा रही थी। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से सामूहिक रूप से नमाज अदा करने ओर सार्वजनिक रूप से जानवरों की कुर्बानी देने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। बावजूद इसके पर्व के उत्साह में कमी नहीं रही। ईदगाहों और मस्जिदों के समीप साफ सफाई की गई। शनिवार की सुबह मस्जिद और ईदगाहों में चार से पांच की संख्या में लोग पहुंचे और नमाज अदा की। इस दौरान ईदगाहों और मस्जिदों के समीप पुलिस की ड्यूटी लगी रहीं। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे को दूर से ही ईद उल अजहा की मुबारकबाद दी। इसके बाद घरों में पहुंच कर जानवरों की कुर्बानी दी गई। नगर के शाहकुटी, जीटी रोड स्थित जामा मस्जिद, अलीनगर, कसाब महाल, इस्लामपुर, मुस्लिम महाल, शकूराबाद, दुलहीपुर, चौरहट सहित विभिन्न इलाकों में नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी दी गई। इस दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहे। बाद में लोगों ने के दूसरे घरों में पहुंच कर एक दूसरे को मुबारकबाक दी।
इनसेट-सोशल डिस्टेंसिंग के वजह से गले मिलने के दूर से दी मुबारकबाद
पीडीडीयू नगर। कोरोना वायरस संक्रमण ने लोगों के त्योहार मनाने के रंग ढंग को बदल दिया है। बकरा ईद पर भी लोगों ने सोशल डिस्टेेंसिंग का पालन करत हुए गले से मिलने से परहेज किया। दूर से ही एक दूसरे को मुबारकबाद दी। हालांकि बच्चों ने एक दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी।
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चंदौली। ईद-उल-अजहा (बकरीद) की नमाज शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए पांच लोगों की संख्या में ईदगाहों व मस्जिदों में पढ़ी गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने बकरीद की बधाई दी। इसके बाद अपनी क्षमतानुसार कुर्बानी भी दी गई। ईदगाहों और आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम रहे। चंदौली में सकलडीहा रोड पर ईदगाह, पुरानी बाजार में जामा मस्जिद और शाही मस्जिद में कोरोना संक्रमण को देखते हुए पांच लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। ईदगाह पर पीएसी और आवश्यक पुलिस बल तैनात रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ आदि बराबर चक्रमण करते रहे। चहनियां संवाददाता के अनुुसार क्षेत्र में बकरीद का पर्व अकीदत केसाथ मनाया यगा। चहनियां, रमौली, सराय रसूलपुर, सढान, दरियापुर, नादी निधौरा, नैढी आदि गांवों में मस्जिदों पर सन्नाटा पसरा रहा। बलुआ इंस्पेक्टर सतेंद्र यादव क्षेत्र का चक्रमण करते रहे।
इनसेट-
कैसे जानवरों की कुर्बानी देना है जायज
बकरीद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग बकरा, भेड़, ऊंट, भैंस जैसे जानवरों की कुर्बानी देते हैं। कुर्बानी सिर्फ उन्हीं जानवरों की हो सकती है, जो पूरी तरह से सेहतमंद हों। किसी जानवर को कोई बीमारी हो या उसके शरीर पर किसी तरह की कोई चोट हो तो ऐसे जानवर की कुर्बानी जायज नहीं मानी जाती है। बकरे की कुर्बानी सिर्फ एक शख्स के नाम पर ही की जा सकती है. जबकि, बड़े जानवर जैसे भैंस और ऊंट की कुर्बानी में सात लोग शामिल हो सकते हैं, यानी एक जानवर में सात लोगों के नाम की कुर्बानी हो सकती है।
इनसेट-
कुर्बानी के गोश्त के तीन हिस्से हैं जरूरी इस्लाम धर्म में गरीबों का खास ध्यान रखने का हुक्म है। इसलिए कुर्बानी के गोश्त का एक हिस्सा गरीबों के नाम करने को कहा गया है। कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटा जाता है, जिसमें एक हिस्सा पड़ोसियों और रिश्तेदारों का होता है, एक हिस्सा गरीबों में बांटा जाता है और एक हिस्सा अपने घर में रखा जाता है।
सुरक्षा में तैनात रही पुलिस
चकिया। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को बकरीद के त्योहार के मद्देनजर एसडीएम अजय मिश्रा और सीओ जगत कनौजिया ने सिकंदरपुर में जाकर लोगों से संपर्क किया। इस दौरान बकरीद के त्योहार पर लोगों को मुबारकबाद देने के साथ लोगों से कोविड-19 को लेकर अपने अपने घरों में ही नमाज अदा करें मस्जिद में सिर्फ 5 लोग ही नमाज अदा करें तथा लॉकडाउन के नियमों का पालन करें घर से बाहर निकलने पर मास्क और सोशल डिस्टेंस का बेहद ख्याल रखें। इस दौरान कोतवाल रहमतुल्ला खान सिकंदरपुर के समाजसेवी सत्य प्रकाश गुप्ता रहे।
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रिपोर्ट और संपादन- कृष्ण मुरारी मिश्र
बाइट-4000
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