प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर कला में दुर्व्यवस्था से नाराज एक दर्जन
गावों के लोगों ने शुक्रवार को अस्पताल में तालाबंदी कर दी और संविदा
चिकित्सक को बंधक बनाकर प्रदर्शन किया।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे
चकिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक ने एक सप्ताह के अंदर
चिकित्सकों, एएनएम व चौकीदार की नियुक्ति का आश्वासन दिया। करीब दो घंटे
बाद चिकित्सक को छोड़ दिया गया। इसका नेतृत्व गांव के प्रधान ओमप्रकाश पटेल
ने किया।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर कला के ऊपर आश्रित 40
गावों के ग्रामीण अस्पताल में दो चिकित्सकों की तैनाती के बावजूद उनके कभी न
आने, अस्पताल में एनएम व चौकीदार के न रहने पर लामबंद होकर अस्पताल पहुंच
गए। नाराज लोगों ने अस्पताल में ताला लगा दिया तथा वहां मौजूद संविदा
चिकित्सक डा. अवनीश सिंह को बंधक बना लिया। लोगों का आरोप था कि अस्पताल
में तैनात डा. गौरव कौशिक तथा डा. संजय सोनकर तैनात हैं। एनएम नहीं है।
वहीं अस्पताल में दवाओं का अभाव है।
वहीं चौकीदार ने होने से अस्पताल में
सुरक्षा व्यवस्था भी चौपट है। सूचना मिलने पर चकिया प्राथमिक स्वास्थ्य
केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. पवन कश्यप मौके पर पहुंचे। उन्हें
देखते ही ग्रामीण नाराज हो गए और सीएमओ तथा उनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
लेकिन सपा नेता जंगबहादुर पटेल के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
प्रभारी
चिकित्साधिकारी डा. पवन कश्यप ने चकिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर
तैनात चौकीदार मोती को तत्काल रामपुर कला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर
नियुक्त करने की घोषणा की तथा अमरा उत्तरी की एनएम माया देवी को वहां
नियुक्त कर दिया।
वहीं उन्होंने अस्पताल के नए डाक्टरों की तैनाती करने का
भी आश्वासन दिया। तब जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ। आंदोलन के दौरान रामपुर
कला, पियरा, रामलक्ष्मणपुर, बैरी, गढ़वां, रामपुर चमरहीं, मैनपुर हिनौती
आदि गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे। इस दौरान रंजीता सिंह, शिवनारायण, शिवाजी
सिंह, बब्बूलाल, सुराहू, दिवाकर, रामलललित, कन्हैया, निरंजन, लालावती,
मंजू आदि मौजूद रहीं।