बैंकों में पांच और एक हजार रुपये के नोट एक्सचेंज बंद किए जाने से बैंक शाखाओं के आगे लग रही कतार तो कम हो गई लेकिन नोटबंदी के एक पखवारा बाद भी एटीएम की हालत नहीं सुधरी है। शुक्रवार को भी जनपद के 74 एटीएम में 64 का शटर गिरा रहा। जो एटीएम कल तक चल भी रहे थे, वहां भी कैश नहीं है लिख कर टांग दिया गया। इससे लोगों को कैश के लिए भटकना पड़ा।
आठ नवंबर को पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंदी घोषणा के साथ ही प्रधानमंत्री ने एटीएम से प्रतिदिन दो हजार के निकासी की घोषणा की थी लेकिन एटीएम के साफ्टवेयर में जरूरी संशोधन न होने की वजह से अधिकतर बैंकों के एटीएम शाखाएं अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। स्टेट बैंक आफ इंडिया, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक आदि के एटीएम शाखाओं में धन निकासी शुरू हुई है। विजया बैंक, इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, सिंडीकेट बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, यूनियन बैंक, बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौरा, केनरा बैंक सहित अन्य बैंकों के एटीएम काम नहीं कर रहे हैं।
जनपद में कुल 74 एटीएम लगे हुए हैं। इसमें सर्वाधिक एटीएम मुगलसराय शहर में ही लगे हुए हैं। बैंकों में नोट बदलने के लिए लंबी कतार को देखते हुए लोग एटीएम की ओर भाग रहे हैं लेकिन यहां भी लंबी कतार से परेशान हो रहे हैं। शुक्रवार को नगर के स्टेट बैंक के एटीएम भी कैश नहीं है लिख कर शटर गिरा दिए।
इससे लोगों को अधिक निराशा हुई। रेलवे स्टेशन परिसर, स्टेशन परिसर के शाखा से सटा एटीएम, डीआरएम आफिस के समीप, रेलवे मंडलीय चिकित्सालय के समीप के एटीएम में शटर गिरे रहे। परमार कटरा के समीप के एटीएम कुछ देर के लिए खुले। इससे लोगों को पैसे के लिए भटकना पड़ा।
दिन भर लोग बैंकों के कोसते रहे। इस बावत जिला अग्रणि प्रबंधक एसके पाढी ने बताया कि एटीएम का संचालन का जिम्मा निजी कंपनी को दिया गया है। तकनीकी कारणों से चल रहे एटीएम बंद हुए होंगे लेकिन वे चलते रहेंगे। अन्य एटीएम भी जल्दी ही चालू हो जाएंगे। इसके बाद लोगों को पैसे निकासी में आसानी होगी।