चकिया। यूपी जर्नलिस्ट एसोसिएशन तहसील इकाई चकिया के तत्वावधान में शुक्रवार को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने अपनी काव्य गंगा से सबको देर रात तक सराबोर किया। मध्य प्रदेश के कवि अरविंद पोटा ने ‘बहू सड़क पर ठुमका मारे बांध के घुंघरू पांवों में’ सुना कर खूब तालियां बटोरीं।
सम्मेलन में लखीमपुर से आईं कवयित्री रंजना हया ने सरस्वती वंदना के साथ ‘कली होती है जमाने में महकने के लिए इसे तुम प्यार करो, तोड़ने की मत सोचो’ सुनाकर समा बांध दिया। इटावा के डॉ. कुमार मनोज ने ‘कदम-कदम पर ऐसे लोगों से बचकर चलना है, जो हाथों में फूल दिलों में आरी लेकर निकले हैं’ सुनाया। लखनऊ के अभय निर्भीक ने अपने ‘पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे’ सुनाकर देशभक्ति का जज्बा भर दिया। पीलीभीत की कवयित्री सुल्तान जहां, बाराबंकी के हास्य कवि विकास बौखल, पटना बिहार के सौरभ कुमार, लखनऊ के शिवेश राजा ने भी अपनी रचना से सबको सम्मोहित किया।
इससे पहले सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि विधायक कैलाश खरवार, पूर्व जिपं अध्यक्ष छत्रबलि सिंह, जिपं अध्यक्ष दीनानाथ शर्मा, एसडीएम ज्वाला प्रसाद, एएमडी श्यामजी सिंह ने किया। इस अवसर पर रविंद्र प्रताप यादव, बीडीओ सुरेंद्र प्रताप सहाय, उपजा के प्रांतीय कोषाध्यक्ष संतोष यादव, उपजा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, संरक्षक शीतला प्रसाद राय, गौरव श्रीवास्तव, प्रेम शंकर त्रिपाठी, विजय विश्वकर्मा, मोहन पांडेय, लोकेश पांडेय, अजय जायसवाल, ज्ञान प्रकाश द्विवेदी, वैभव मिश्रा रहे। संचालन कार्यक्रम संयोजक आशुतोष मिश्रा ने किया।