सुरियावां-कूसा मार्ग मरम्मत होने के बाद बना जर्किंग हब। संवाद
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सड़क के गड्ढे भरने के लिए करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन सफर के झटके कम होने का नाम नहीं ले रहे। जिले में इस समय दिवाली के पहले 1.5 करोड़ से गड्ढामुक्ति अभियान तेजी से जारी है।
एक सप्ताह पहले सुरियावां कूसा मार्ग की मरम्मत हुई है, लेकिन सड़क पर जर्किंग की समस्या जस की तस बनी है। जर्किंग होने से वाहनों की रफ्तार थम गई है। इसके कारण सप्ताहभर में इस मार्ग पर दो घटना हो चुकी है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से सड़कों के गड्ढे तो पाटे जा रहे हैं लेकिन रोलर चलनवाना ठेकेदार भूल गए। कूसा मार्ग साल में तीसरी बार मरम्मत हो रही है। आठ महीने पूर्व डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक चौगुना आए थे, तो सड़क का मरम्मत हुई था।
दोबारा एक महीने पहले और तीसरी बार एक सप्ताह पहले पूरी सड़क की मरम्मत हुई है, लेकिन जर्किंग दुरुस्त नहीं हो सकी है। दुर्गागंज बाजार में 10 दिन पहले गड्ढा भरा गया, लेकिन रोलर नहीं चलाया गया। इससे गिट्टी गड्डे में समुचित ढंग से बैठती नहीं है। धीरे-धीरे सड़क उखड़ने लगती है। महीने भर में अभियान की हकीकत दिखने लगती है।