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Chandauli News: 27 करोड़ 58 लाख से सुधरेगी भुपौली पंप कैनाल से जुड़ी नहरों की दशा

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पीडीडीयू नगर। मूसाखांड बांध प्रखंड की ओर से क्षतिग्रस्त हो चुकी भुपौली पंप कैनाल से जुड़ी नहरों की दशा 27 करोड़ 58 लाख 70 हजार रुपये से सुधारी जाएगी। वीआरवी (पुल व पुलियों) के निर्माण भी होंगे। मरम्मत कार्य हो जाने से किसानों को काफी लाभ होगा। विभाग की मानें तो टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शासन से मंजूरी व धन मिलने के बाद कार्य आरंभ किया जाएगा।
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किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के लिए जिले के भुपौली में गंगा नदी में छह पंप लगाए गए हैं। प्रत्येक पंप की क्षमता 150 क्यूसेक पानी प्रति घंटे देने की है। सिंचाई के पीक ऑवर में इनमें पांच पंपों को चलाया जाता है जबकि एक को स्टैंड बाई रखा जाता है। किसी पंप में गड़बड़ी आने पर रिजर्व रखे गए पंप से पानी दिया जाता है। वर्तमान में मांग कम होने पर तीन पंप चलाए जा रहे हैं। समस्या पंप कैनाल से जुड़ी नहरों में है। साफ-सफाई का उचित प्रबंध न किए जाने से पंप कैनाल से जुड़ी अधिकांश नहरें झाड़-झंखाड़ से पटी हुई हैं। इससे नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता है।
किसान संगठन के लोग अक्सर नहरों की सफाई के लिए धरना-प्रदर्शन करते रहते हैं। किसानों की समस्या दूर करने के लिए शासन के निर्देश पर मूसाखांड विभाग ने नहरों के पक्के तटबंध, डौल, कुलाबा व पुल-पुलिया बनाने की कार्ययोजना तैयार की है। योजना के तहत भुपौली से मथेला तक नहर की सीमेंट व कंक्रीट लाइनिंग की जाएगी। वहीं सर्विस रोड व नहर के बीच डौला बनाए जाएंगे। नहरों के क्षतिग्रस्त तटबंधों की मरम्मत भी कराई जा रही है।
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इनसेट.....

टेल के किसान पानी के लिए हो रहे परेशान

देखरेख के अभाव में नहरों के तटबंध क्षतिग्रस्त हो जाने व झाड़-झंखाड़ उग आने के कारण टेल के खेतों तक नहरों का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसे लेकर किसानों में नाराजगी है। उनका कहना है कि नहर का पानी न मिलने के कारण उन्हें सिंचाई के लिए निजी पंपों से पानी खरीदना पड़ता है। इससे उनकी खेती की लागत बढ़ जाती है।

भुपौली पंप कैनाल से जुड़ी नहरों के पुनरुद्धार के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को प्रेषित कर दी गई है। किसान काफी दिनों से नहरों की दशा सुधारने की मांग कर रहे थे। कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। शासन से मंजूरी व धन मिलने के बाद कार्य आरंभ कर दिए जाएंगे।
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सुधीर पाल, कार्यकारी अधिशासी अभियंता, मूसाखांड।
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