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कमिश्नर ने लगाया फोन तो खुल गई अफसर की पोल

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चंदौली। कृषि उपनिदेशक कार्यालय के अधिकारियों ने किसानों से बिना बात किए ही समस्याओं का समाधान कर दिया। शुक्रवार को जब कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कृषि उपनिदेशक कार्यालय में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पर दर्ज आईजीआरएस के निस्तारित मामलों का अध्ययन करने के बाद संबंधित दो किसानों को फोन किया तो सच्चाई सामने आ गई। किसानों ने कमिश्नर को बताया कि कर्मचारी बहुत परेशान करते हैं। उन्होने अफसरों को हिदायत दी कि बगैर मामलों को हल किए रजिस्टर पर निस्तारित दिखाना गलत है। अफसर और कर्मचारी कार्य प्रणाली को बदलें अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी। वाराणसी मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कृषि उप निदेशक कार्यलय में कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित हेल्फडेस्क का फीता काटकर शुभारंभ किया। इसके बाद मृदा जॉच की मशीन के बारे में अफसरों से जानकारी ली। बाद में सामान्य तत्व विश्लेषण कक्ष, आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वाले गरला चकिया के यतीश कुमार तिवारी और अलहिया चंदौली के राधेश्याम से फोन पर वार्ता की। लेकिन किसानों ने अफसरों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर संतुष्टि नहीं जताई। बल्कि उल्टे आरोप लगा दिया कि मामूली काम के लिए कई बार दौड़ाया गया। इसके बावजूद भी अभी तक कोई प्रगति नहीं है।ं कमिश्नर ने अधिकारियों को हिदायत दी कि बगैर समस्या का हल किए रजिस्टर पर निस्तारण दिखाया गया तो उनकी खैर नहीं है। इस दौरान उन्होंने कार्यालय पहुंचे कई किसानों से भी वार्ता की और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान डीएम संजीव सिंह, एसपी अमित कुमार, एडीएम अतुल कुमार, सीडीओ अजितेंद्र नारायन, कृषि उपनिदेशक राजीव भारती, एसडीएम विजय नारायन सिंह, डीडीओ पद्मकांत शुक्ल, मान सिंह, दिलीप सिंह रहे।
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