पीडीडीयू नगर। रेल संपत्ति की रक्षा करने वाले रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के एरियर से छेड़छाड़ कर रुपये गबन करने का आरोपी लिपिक पहले से विवादित रहा है। गलत दस्तावेज जमा करने के मामले में उस पर मुकदमा भी दर्ज है। पिछले छह वर्षों से साफ्टवेयर में गड़बड़ी कर वह जवानों के पैसे का चुना लगा रहा था। कानपुर निवासी युवराज ने रेलवे सुरक्षा बल में कांस्टेबल के रूप में दानापुर मंडल में नौकरी की शुरुआत की। यहां से अनफिट होकर वह पीडीडीयू मंडल में आया। यहां वह लिपिक बना। सूत्रों के मुताबिक गलत दस्तावेज जमा करने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला चल रहा है। चर्चा है कि आरोपी बनारस के होटल में अक्सर पार्टी किया करता था।साथ ही कानपुर एरिया में नीतू नाम से माल बनवा रखा है। वहीं मथुरा में अपने साढ़ू के माध्यम से जमीन लेने के फिराक में था। बता दें कि वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त कार्यालय में अकाउंटेंट पद पर तैनात युवराज सिंह जवानों व विभागीय कर्मियों का वेतन, एरियर आदि के भुगतान का काम पिछले छह वर्षों से कर रहा था। इस बीच कर्मचारी विभागीय कर्मचारियों और जवानों के आईपास को डिकोड कर एरियर को बढ़चढ़ा कर रिपोर्ट भेज देता था। मुकदमा दर्ज होने के बाद जहां कोतवाली पुलिस आरोपी लिपिक युवराज की धरपकड़ के लिए पीडीडीयू नगर से कानपुर तक छानबीन में जुटी है।