इलिया। सड़कों के निर्माण में मानकों की अनदेखी गुणवत्ता की कमी और ओवरलोड वाहनों के चलते सड़कें बदहाल हैं। यही हाल है यूपी और बिहार बार्डर को जोड़ने वाली सड़क चकिया-हटिया मार्ग का। करीब पांच वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग ने लगभग 13 लाख 74 हजार की लागत से करीब दो किमी लंबे इस मार्ग का निर्माण कराया था मगर अब सड़क पर चलना दुश्वार है। जगह-जगह बने गड्ढे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड ने यूपी और बिहार बार्डर को जोड़ने वाले चकिया-हाटा मार्ग को मालदह पुलिया से लेकर महदाइच तक सितंबर 2015 में बनाया था। तब से दोबारा सड़क की मरम्मत नहीं हुई। इसी में बारिश और ओवरलोड वाहनों के दबाव के चलते सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। जगह-जगह बने गड्ढे चलने लायक नहीं है। बाइक सवार गिरकर चुटहिल हो जाते हैं तो बड़े वाहन गड्ढो में फंस जाते हैं। दो किलोमीटर लंबी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में सड़क पर जाम लग जाता है ऐसे में राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर चलने पर पता नही चलता कि सड़क पर गड्ढे है या गड्ढे में सड़क गांव को देख कर लगता है मानो यहां सड़क है ही नहीं बरसात के दिनों में तो सड़क सरोवर में तब्दील हो जाती है। अधिशासी अभियंता मिथिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सड़क की मरम्मत सितंबर 2015 में कराई गई थी। लेकिन अब 5 साल होने को हैं । इसकी मरम्मत के लिए जल्द ही शासन को पत्र लिखकर धन की मांग की जाएगी ताकि इसे ठीक कराया जा सके। क्षेत्र के चंद्र प्रकाश यादव ने बताया कि मानक के अनुसार सड़क नहीं बनाए जाने से सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। बचाऊ चौबे और पिंटू चौबे कहना कि बरसात के दिनों में तो सड़क चलना जोखिम भरा हो जाता है। बाबूलाल कहते हैँ कि अधिकारी उदासीन बने हुए हैं। इससे सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क की फिर से मरम्मत की जरूरत है। तभी समस्या का समाधान हो पाएगा।