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ठप पड़ी परियोजनाएं, सुस्त हुई विकास की रफ्तार

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चंदौली। जिले में निर्माणाधीन बड़ी परियोजनाओं को पूर्ण करने में कार्यदायी संस्थाओं की रुचि नहीं है। इसके चलते विकास की गति काफी सुस्त है। कहीं सकलडीहा रोड पर आरओबी का निर्माण तो कहीं ट्रामा सेंटर के निर्माण का कार्य अधर में लटका हुआ है। अफसर भी निर्माण एजेंसियों की नकेल कसने में सुस्ती बरत रहे हैं। इसका खामियाजा जिले के नागरिकों को भुगतना पड़ा रहा है और पुल, अस्पताल, कालेज जैसे महत्वपूर्ण सुविधाओं के लाभ से लोग वंचित है।
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वर्ष 2009 में धानापुर स्थित महामाया पालीटेक्निक कॉलेज के निर्माण के लिए 20.16 करोड़ अवमुक्त हुआ है। लेकिन निर्माण कार्य अभी तक अधर में लटका है। वर्ष 2014 में कमालपुर में स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 1.77 करोड़ धन अवमुक्त होने के बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए 1.77 करोड़ रुपये मिले। पर 20 फीसदी कार्य होना अभी शेष है। वहीं राजदरी देवदरी में पर्यटन विकास के लिए चार करोड़ से अधिक धन अवमुक्त हुआ। यहां निर्माण एजेंसी ने दस फीसदी कार्य कराया है। गोधना के समीप एनएच पर वर्ष 2018 में ट्रामा सेंटर निर्माण के लिए तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शिलान्यास किया था। इसके निर्माण और आवासीय भवन बनाने की प्रक्रिया अभी अधर में है। गोलाबाद, हेतिमपुर में स्कूल और हास्टल निर्माण कार्य का सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास किया था। उसका भी निर्माण कार्य अधर में है। इसके अलावा सकलडीहा रोड पर आरओबी, सैयदराजा में महिला डिग्री कालेज में हास्टल का निर्माण कार्य काफी सुस्त है। महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्धारित अवधि के अंदर पूर्ण नहीं होने से लोगों के अंदर काफी निराश है। वहीं अफसरों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कोट.........................
जिले में निर्माणाधीन सभी परियोजनाओं को पूर्ण कराने की बराबर मानिटरिंग हो रही है। कोरोना काल के चलते निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। लेकिन अब कार्य को तेजी से पूर्ण कराने के लिए एजेंसियों के प्रभारियों को निर्देश दिया गया है। अजितेंद्र नारायण, सीडीओ।
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