नौगढ़। जयमोहनी रेंज के भरदुआ गांव में बुधवार को वन भूमि से कब्जा हटाने पहुंची वन विभाग और प्रशासन की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर लाठी-डंडों से भी हमला किया। इससे वन दरोगा प्रशांत, वनरक्षक मुलायम, भोला और प्रमोद समेत चार लेखपाल घायल हो गए। सात थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। करीब चार घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया। 18 से ज्यादा आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई है। बाद में एसपी आकाश पटेल भी पहुंचे।
वन विभाग के अनुसार जयमोहनी रेंज के भैसोड़ा कंपार्टमेंट संख्या-14 में करीब 30 हेक्टेयर वन भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी। जमीन पर धान और मिर्च की फसल बोई गई थी। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर बुधवार को प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम कब्जा हटाने पहुंची।
रोटावेटर से नष्ट कराई फसल, चार जेसीबी से खोदी गई खाई
एसडीएम नौगढ़ अमरचंद वर्मा, सीओ देवेंद्र कुमार और तहसीलदार राहुल सिंह के नेतृत्व में नौगढ़, चंद्रप्रभा और मझगांई रेंज के वन कर्मी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में रोटावेटर से वन भूमि पर लगी धान और मिर्च की फसल को नष्ट करा दिया गया। इसके बाद चार जेसीबी से सुरक्षा खाई खुदवाई गई। अधिकारियों के अनुसार जमीन को वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया है। क्षेत्र में 24 घंटे निगरानी और गश्त की व्यवस्था की जाएगी।
लामबंद हुए ग्रामीणों ने किया हमला
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई रोकने की मांग की। विवाद बढ़ने पर टीम पर पथराव करने लगे। आरोप है कि इस बीच ग्रामीणों लाठी-डंडों से भी हमला किया। इससे अफरातफरी मच गई। कई कर्मचारी घायल हो गए। माहौल बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई। करीब चार घंटे तक चले विवाद के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर ग्रामीणों को हटाया।
50 साल से खेती करने का दावा
कार्रवाई का विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि वह इस जमीन पर 50 वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। अब उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। ग्रामीणों ने कब्जा हटाने से इन्कार करते हुए कार्रवाई का विरोध किया। वहीं, हालांकि वन विभाग का कहना है कि वन क्षेत्र की जमीन है और उस पर किसी प्रकार का कब्जा या खेती की अनुमति नहीं है।
पुलिस और पीएसी के जवान तैनात
विवाद की गंभीरता को देखते हुए नौगढ़ के अलावा चकरघट्टा, साहबगंज, इलिया, बबुरी, चकिया और चंदौली थाने की पुलिस को मौके पर बुलाया गया। साथ ही पीएसी के जवानों को भी तैनात किया गया। कार्रवाई के दौरान हुए लाठीचार्ज का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वन क्षेत्राधिकारी अमित श्रीवास्तव ने कहा कि वन विभाग की जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोट-
वन विभाग की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची टीम पर हमला किया गया है। सरकारी कार्य में बाधा डालने, टीम पर हमला करने और अवैध कब्जे के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस 18 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। - आकाश पटेल, एसपी, चंदौली
नौगढ़ के भरदुआ गांव में विस्थापित जमीन को लेकर विवाद के बाद पहुंची पुलिस। संवाद