उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षसंघ जिला इकाई ने 20 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को सदर ब्लाक परिसर में धरना दिया।
इस
दौरान शिक्षकों ने 01 अप्रैल 2005 व उसके बाद नियुक्त अध्यापकों को पुरानी
पेंशन योजना का लाभ देने समेत अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर प्रकाश डाला।
इसके बाद जुलूस निकालकर नगर भ्रमण करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। शिक्षकों ने
प्रशासनिक अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौंपा।
इस
अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि प्रदेशर में शिक्षक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
बार-बार मांग किए जाने के बाद भी सरकार हमारी समस्याओं को पूरा करने में
उपेक्षा कर रही है।
कहा कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक
अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया
जाए। अपने गृह जनपद या दूसरे जनपदों में स्थानान्तरण के लिए 18000 शिक्षकों
के आवेदन पत्र परिषद कार्यालय में लम्बित हैं, जिसे तत्काल निस्तारित किया
जाए।
प्रांतीय प्रचार मंत्री डा. देवेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि
प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में प्रत्येक बुधवार को
छात्र-छात्राओं दूध वितरित किए जाने की व्यवस्था है, जबकि सरकार ने
कन्वर्जन कास्ट में वृद्धि नहीं की है, जिससे दिक्कतें आ रही हैं।
इतना ही
नहीं ग्रामीण क्षेत्र में संचालित विद्यालयों में छात्रों की संख्या के
सापेक्ष शुद्ध व ताजा दूध मिलना मुश्किल हो रहा है। इतना ही नहीं छात्रों
से क्रीड़ा व स्काउटिंग शुल्क लिया जाता था, जिसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम
लागू होने पर बंद कर दिया गया।
ऐसे में ब्लाक, जनपद व प्रदेश स्तर पर
आयोजित होने वाली प्रतियोगिताएं बंद कर दी गई, जिससे बच्चे नैतिक शिक्षा
प्राप्त करने से वंचित रह जा रहे हैं।
इसके अलावा ड्रेस वितरण प्रणाली में
गड़बड़ी के चलते शिक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस अवसर
पर सुनील कुमार सिंह, सच्चिदानंद पांडेय, ओम प्रकाश यादव, राजेंद्र यादव,
दीपक सिंह, छोटेलाल, शिवानन्द, नीरज, संजय, विनोद उपाध्याय, राधेश्याम
पाल, धीरेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।