डेढ़ दर्शन से बच्चों को मुहैय करा रहे शिक्षण सामग्री
बरहनी ब्लॉक के तेल्हरा गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक अच्युतानंद त्रिपाठी पिछले 15 वर्षों से विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में पाठ्य सामग्री मुहैया कराते आ रहे हैं। उनका कहना है कि कई बच्चे संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते हैं। यदि उन्हें जरूरी सुविधाएं मिलें तो वे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अभिभावक श्याम लाल राम का कहना है कि साधारण परिवारों के लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में शिक्षक कापी, कलम और ज्योमेट्री बॉक्स दे देते हैं तो सहारा मिल जाता है। वहीं, बच्चों का मन पढ़ाई में ज्यादा लगता है।
हर साल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सफल होते हैं बच्चे
बरहनी ब्लॉक का उच्च प्राथमिक विद्यालय चारी कॉन्वेंट स्कूलों को मात दे रहा है। यह प्रधानाध्यापक गोपाल प्रसाद खरवार की मेहतन का नतीजा है। विद्यालय में 158 बच्चे पढ़ते हैं। यहां प्रधानाध्यापक गोपाल प्रसाद खरवार और दो सहायक अध्यापक तैनात हैं। विद्यालय में प्रवेश करते ही नजारा कॉन्वेंट स्कूल की तरह दिखता है। हर साल भारत सरकार की श्रेष्ठा योजना और राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में यहां के छात्र चयनित होते हैं। पिछले वर्ष ऑल इंडिया में 121 और 761वीं रैंक हासिल कर विद्यालय के बच्चों ने नाम रोशन किया था। प्रधानाध्यापक का कहना है कि बच्चों को शिक्षित करने के साथ संस्कारवान भी बनाया जा रहा है।
पढ़ाई के साथ बैडमिंटन खिलाड़ी तैयार कर रहे विनोद
सकलडीहा ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बसनी में सहायक अध्यापक विनोद कुमार बच्चों को पढ़ाने के साथ बैडमिंटन में भी पारंगत कर रहे हैं। स्कूल की टीम ने वर्ष 2019 में जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। वर्ष 2020 में मंडलीय प्रतियोगिता के बालक और बालिका दोनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यहां के खिलाड़ी पिछले आठ साल में तीन बार राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में शामिल हो चुके हैं। पिछले साल प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्राओं ने रजत पदक जीता था।
पढ़ाई के साथ बच्चों में बढ़ाई वैज्ञानिक रुचि
चहनिया कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक वीरेंद्र सिंह यादव बच्चों को पढ़ाने के साथ उनमें वैज्ञानिक रुचि बढ़ाने में जुटे हैं। यहां के बच्चों ने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में जनपद में तीन बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में अब तक 70 बच्चे सफल हो चुके हैं। गणित ओलंपियाड में ब्लॉक एवं जनपद स्तर पर अपनी प्रतिभा को दिखा चुके हैं। इस उपलब्धि पर वीरेंद्र सिंह यादव को 2022 में राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।