भभुआ जिले के सभी 11 प्रखंडों के नियोजित शिक्षकों ने सोमवार को समाहरणालय
पर धरना दिया और सभा की। सभा के बाद शिक्षकों ने भभुआ सदर थाना में अपनी
गिरफ्तारी देने पहुंचे। थाना परिसर में इतनी भीड़ जमा हो गयी कि पुलिस को
सभी को छोड़ना पड़ा।
समाहरणालय पर आयोजित सभा की अध्यक्षता
महासंघ के ज़िलाध्यक्ष डॉ प्रेमचन्द पासवान एवम् नियोजित न्याय मोर्चा के
संयोजक दिनेश कुमार सिंह तथा मंच संचालन महासंघ के संयोजक प्रवीण कुमार
एवम् सुनील कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
सोमवार को प्रदेश महासंघ
के आह्वान पर सभी 11 प्रखंडों के नियोजित शिक्षक समाहरणालय गेट पर उपस्थित
हुए और सभा आयोजित की। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि 33 दिनों से बिहार के
4 लाख शिक्षक हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से 77 हजार विद्यालय बंद पड़े हैं।
बिहार के मुखिया नीतीश कुमार को शिक्षकों और बच्चों के भविष्य की चिंता
नहीं है। परंतु चुनावी गठबंधन के लिए दिल्ली का दौरा करने का समय उनके पास
है। हमारी बद्दुआ के चलते उनलोगों का गठबन्धन नहीं बन पा रहा है। जबकि
हमारी मांगे अनुचित नहीं हैं।
यदि सरकार कहती है कि पहली जुलाई से वेतनमान
की घोषणा करेगी तो वे लिखित क्यों नहीं देती? सभा को समाप्त करने के बाद
सभी शिक्षक नगर के मुख्य मार्ग से ‘जब तक वेतनमान नहीं, तबतक कोई काम
नहीं’, ‘वेतनमान दो वर्ना गद्दी छोड़ दो’, ‘शिक्षकों ने ठाना है, वेतन लेकर
स्कूल जाना है’ आदि नारा लगाते हुए सदर थाना भभुआ गिरफ्तारी देने पहुंचे।
जहां उन्हें छोड़ दिया गया।
इस मौके पर मुख्य रूप से जनार्दन कुमार, बद्री
प्रसाद, नन्दकिशोर राय, मदन सिंह, सुनील प्रसाद, संजय सिंह, संतोष सिंह,
अरविन्द सिंह, मुन्ना राम, सुनील सिंह, मनोज पासवान, किशोर राम, चंद्रशेखर
पासवान, कलावती देवी, कांति देवी, सीमा कुमारी आदि शामिल थे।