इंडियन आयल डिपो अलीनगर में तेल ढोने वाले टैंकर ट्रांसपोर्टर टेंडर से
जुड़ी निविदा प्रक्रिया रद करने की मांग को लेकर मंगलवार को हड़ताल पर रहे।
इस दौरान ट्रांसपोर्टरों ने जमकर हंगामा किया।
साथ ही आरोप लगाया
कि स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की उपेक्षा करके बाहरी ट्रांसपोर्टरों को टेंडर
दे दिया गया है। तनाव को देखते हुए कैंपस में पुलिस और पीएसी बल को तैनात
किया गया है। हालांकि देर रात हड़तालियों से जिला प्रशासन की वार्ता के बाद
हड़ताल वापस ले ली गई। इस हड़ताल से इंडियन आयल को करोड़ों रुपये के
नुकसान का अनुमान है।
स्थानीय डिपो से रोजाना करीब डेढ़ सौ टैंकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के लिए निकलते हैं।
इस
अवसर पर हुई सभा में टैंकर यूनियन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि इंडियन आयल
प्रबंधन ने बाहरी ट्रांसपोर्टरों को फायदा पहुंचाने के लिए स्थानीय टैंकर
मालिकों की जानबूझकर उपेक्षा की है। कंपनी के नियमानुसार स्थानीय
ट्रांसपोर्टरों ने अपने छोटे वाहनों को बड़े वाहनों में बदल दिया ताकि वे
निविदा प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
लेकिन प्रबंधन ने नियम के
विपरीत जाकर छोटे टैंकरों के ट्रांसपोर्टरों को तेल भराई की निविदा सौंप
दी, जो अन्यायपूर्ण है। इस दौरान खूब हंगामे के बीच टैंकर ट्रांसपोर्टर
हड़ताल पर चले गए और चेतावनी दी कि जब तक निविदा प्रक्रिया को रद नहीं किया
जाएगा, तब तक वे अपने टैंकरों में तेल नहीं भरवाएंगे।
स्मरणीय
है कि निविदा प्रक्रिया में छोटे वाहनों वाले ट्रांसपोर्टरों को शामिल
करने की भनक मिलने के बाद विगत चार दिन पूर्व भी स्थानीय ट्रांसपोर्टरों ने
हो हल्ला किया था। तब एसडीएम और सीओ सदर ने मौके पर पहुंचकर समस्या के हल
का आश्वासन दिया था। इस संबंध में टैंकर ट्रांसपोर्टर्स संघ के अध्यक्ष
इस्तेखार भाई ने कहा कि टर्मिनल मैनेजर ने एक दो दिन में समस्या का हल
निकालने का आश्वासन दिया गया है। हड़तालियों में इख्तार, डब्बल, मधु राय,
कयामुद्दीन, वसीम अहमद, तौफीक अहमद, सरवर अली आदि उपस्थित रहे।